छात्राओं ने प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा
उत्तराखंड के लोकपर्व (बालपर्व) फूलदेई के अवसर पर श्रीनगर में उत्साह और उल्लास
के साथ भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
यह आयोजन फूलदेई सामाजिक एवं सांस्कृतिक कला मंच समिति के तत्वावधान में किया गया,
जिसमें बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
नागेश्वर महादेव मंदिर से हुई शोभायात्रा की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ हुई।
इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने हाथों में फूलों की टोकरी लेकर नगर के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा निकाली।
बच्चे “फूलदेई-छम्मा देई” जैसे पारंपरिक फुलारी गीत गाते हुए
घर-घर की देहरियों पर फूल डालकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए।

पारंपरिक वाद्य यंत्र और घोघा माता की डोली रही आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो गया।
इस दौरान घोघा माता की डोली भी शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रही,
जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े।
मेयर ने की पर्यावरण संरक्षण की पहल
इस अवसर पर मेयर आरती भंडारी ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल बच्चों में से जो भी बच्चा अधिक से अधिक प्लास्टिक की बोतलें एकत्र कर नगर निगम में जमा करेगा, उसे प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
मेयर ने बच्चों से स्वच्छता और पर्यावरण बचाने के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और स्वच्छ वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
फूलदेई पर्व के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका ‘रीजनल रिपोर्टर’ संपादक गंगा असनोड़ा, शिक्षिका अनीता बाला और प्रशासनिक अधिकारी शंकर मणि कैंथोला ने निभाई।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
- प्रथम स्थान: परिष्कारम स्कूल की छात्रा स्थापना — 186 अंक
- द्वितीय स्थान: सेंट थेरेसास कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा अग्रिमा भट्ट
- तृतीय स्थान: मास्टर माइंड पब्लिक स्कूल की छात्रा आकांक्षा चौहान — 175 अंक

लोकसंस्कृति को जीवंत रखने का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि फूलदेई पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है।
ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।
फूलदेई पर्व के इस आयोजन ने पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना दिया और लोगों ने इस पारंपरिक पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।


















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