देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी रहे मुख्य अतिथि, बेबी शो बना आकर्षण का केंद्र
अमर शहीद नागेन्द्र सकलानी एवं मोलू भरदारी स्मृति विकास मेले के दूसरे दिन कार्यक्रम उत्साह
और देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
मेले में मुख्य अतिथि के रूप में देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विधायक कंडारी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि,
ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को बलिदान, संस्कार और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
बेबी शो रहा आकर्षण का केंद्र
मेले के दूसरे दिन आयोजित बेबी शो कार्यक्रम ने सभी का दिल जीत लिया।
नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
बेबी शो में भाग लेने वाले बच्चों में प्रमुख रूप से
लव्या बिष्ट, अनुप्रिया भट्ट, अयांश आर्य, दिव्यांशी, शिवन्या, मैथली थपलियाल, तेजस्वी और ऐंजिल भट्ट शामिल रहे।
बच्चों की मासूम अदाओं और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

🇮🇳 सेना, अर्धसैनिक बल और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर सेना, अर्धसैनिक बलों और प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी मेले की शोभा बढ़ाई। प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य लोग
- कैप्टन सुरेंद्र सिंह नेगी – सेकेंड गढ़वाल राइफल
- कैप्टन हिम्मत सिंह नेगी (सेवा मेडल) – सेकेंड गढ़वाल राइफल
- कैप्टन वीरेंद्र कुंवर सिंह – थर्ड गढ़वाल राइफल
- सूबेदार मेजर यशवंत सिंह रौतेला – जी स्काउट्स
- सूबेदार मेजर राजेंद्र प्रसाद भट्ट – 16 गढ़वाल राइफल्स
- सूबेदार मेजर लाखन सिंह कंडारी – 16 गढ़वाल राइफल
- सूबेदार मेजर लखपत सिंह चौहान – 4 महार
- कैप्टन गिरीश प्रसाद सेमवाल
- सूबेदार मेजर अनूप सिंह पंवार
- नायब सूबेदार गंगा दत्त सेमवाल
- नायक स्वरूप सिंह
- इंस्पेक्टर राज सिंह चौहान – BSF
- सूबेदार मेजर सदर सिंह रतूड़ी
- हवलदार देवेंद्र सिंह कठैत
- सूबेदार मेजर जशवंत सिंह राणा – BEG
- हवलदार गोपाल सिंह राणा – 7 गढ़वाल राइफल
- नायक आनंद सिंह रावत – जी स्काउट
- नायब सूबेदार कर्ण – Assam Rifles
- हवलदार बिशन सिंह नेगी – BEG
- सूबेदार मेजर विक्रम सिंह रावत – 16 गढ़वाल राइफल
- नायक मान सिंह बर्तवाल – 8 गढ़वाल राइफल
- तहसीलदार डॉ. प्रदीप सिंह कंडारी

शहीदों की स्मृति को समर्पित आयोजन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अमर शहीद नागेन्द्र सकलानी और मोलू भरदारी के बलिदान को याद करते
हुए कहा कि यह मेला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की जीवंत पाठशाला है।
स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने मेले को ऐतिहासिक बना दिया।

















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