उक्रांद नेता लुसुन राजेन टोडरिया बोले—कथित VIP को जांच के दायरे में लाए बिना न्याय अधूरा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर शनिवार को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने
देहरादून में सीबीआई कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच करने और जांच की प्रगति स्पष्ट करने की मांग उठाई।
इस दौरान सीबीआई कार्यालय में तालाबंदी की मांग भी की गई।
उक्रांद नेता लुसुन राजेन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कथित
वीआईपी को भी जांच के दायरे में लाना जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच अपेक्षित दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है।
उनके मुताबिक, जब तक कथित वीआईपी की भूमिका की जांच नहीं होती, तब तक न्याय की मांग अधूरी रहेगी।
अंकिता के माता-पिता को न्याय दिलाने की मांग
टोडरिया ने कहा कि अंकिता के माता-पिता के साथ-साथ न्याय की मांग कर रहे उत्तराखंड के लोगों को भी इंसाफ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़नी चाहिए।
उक्रांद ने दुष्यंत कुमार गौतम को जांच के दायरे में लाने की मांग भी उठाई।
दल के नेताओं ने उनके राज्यपाल बनाए जाने को लेकर सवाल किए और मामले के सभी पहलुओं की जांच की मांग दोहराई।
हालांकि, किसी व्यक्ति की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप जांच में साबित होना बाकी हैं।

सीबीआई जांच पर पारदर्शिता की मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से जांच की मांग उठाई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जांच में सामने आए तथ्यों को स्पष्ट किया जाए और मामले से जुड़े सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब दिया जाए।
उक्रांद नेताओं ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा।
















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