अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका की जांच और न्याय की मांग को लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है।
इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर
नियुक्ति निरस्त करने और मामले में सीबीआई जांच शुरू कराने की अपील की जा रही है।
अभियान के आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे दिए गए लिंक पर जाकर फॉर्म में अपना नाम और ईमेल भरें तथा इस मुहिम का समर्थन करें।
ऑनलाइन अपील लिंक: https://c.org/29XtMfCXhM
अंकिता भंडारी केस: ऑनलाइन अपील फॉर्म कैसे भरें?
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल की जांच और दुष्यंत कुमार गौतम की
सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग को लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की अपील की जा रही है।
अभियान से जुड़ने के लिए इन आसान चरणों का पालन करें:
- अपील लिंक खोलें: ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान पर जाएं।
- फॉर्म पढ़ें: राष्ट्रपति के नाम लिखी अपील और उसमें उठाई गई मांगों को ध्यान से पढ़ें।
- अपना नाम भरें: फॉर्म में मांगी गई जानकारी के अनुसार अपना नाम दर्ज करें।
- ईमेल आईडी डालें: अपनी सक्रिय ईमेल आईडी भरें, ताकि जरूरत पड़ने पर पुष्टि की जा सके।
- हस्ताक्षर या समर्थन दर्ज करें: पेज पर उपलब्ध ‘Sign’, ‘Sign the petition’ या इसी तरह के विकल्प पर क्लिक करें।
- ईमेल की पुष्टि करें: यदि ईमेल पर पुष्टि करने का लिंक आए, तो उसे खोलकर प्रक्रिया पूरी करें।
- अभियान साझा करें: चाहें तो अभियान का लिंक अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।
राज्यपाल नियुक्ति के बाद फिर चर्चा में मामला
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति का
विरोध करते हुए मांग की है कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
इसी मांग को लेकर 14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया था।
प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की।
15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने माता-पिता को हिरासत में लिया, हालांकि कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
कथित VIP एंगल की जांच की मांग
सितंबर 2022 में पौड़ी गढ़वाल जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी।
मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर परिवार लगातार सवाल उठाता रहा है।
उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में इस पहलू की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
अब ऑनलाइन अभियान के जरिए राष्ट्रपति से नियुक्ति पर पुनर्विचार और जांच पूरी होने तक कार्रवाई रोकने की मांग की जा रही है।
दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उनके खिलाफ आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।















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