निष्पक्ष जांच की मांग; नार्को टेस्ट की भी उठाई मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनके माता-पिता ने
दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
16 अक्टूबर को हुई इस मुलाकात में उन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहराई से
जांच करने और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।
सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें प्रकरण के सभी पहलुओं का परीक्षण कर निष्पक्ष एवं न्यायसंगत जांच करने का आश्वासन दिया।
17 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग भी उठाई है।
कथित वीआईपी की भूमिका पर परिवार के सवाल
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी लंबे समय से मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं।
उर्मिला सनावर की ओर से साझा किए गए कथित ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद
यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया था।
परिवार चाहता है कि इन दावों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
हालांकि, कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों को जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
सीबीआई ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनवरी 2026 में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
इसके बाद सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच-2 ने कथित वीआईपी एंगल की जांच के लिए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
जांच एजेंसी की टीम उत्तराखंड में भी मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने पहुंची थी।
अब परिवार की मांग है कि जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
राज्यपाल नियुक्ति के बाद फिर गरमाया मामला
भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद अंकिता प्रकरण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
इस मामले में कथित वीआईपी को लेकर उठे सवालों के बीच अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना भी दिया था।
15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, हालांकि कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
16 अक्टूबर को देहरादून में कांग्रेस ने बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
परिवार की मांग है कि कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक मामले से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।
2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीकोट डोभ गांव की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास गंगा
भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं।
18 सितंबर 2022 को उनके लापता होने के बाद 24 सितंबर को उनका शव चीला बैराज क्षेत्र की नहर से बरामद हुआ था।
इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों अंकित गुप्ता व सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया था।
अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
तीनों दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
अब सबकी नजर सीबीआई जांच पर है, जिससे परिवार को उम्मीद है कि मामले से जुड़े शेष सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।
















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