संघर्ष मंच की राज्यव्यापी अपील
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज होती दिख रही है।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद को सफल बनाने के लिए
राज्यभर के लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
मंच की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि यह आंदोलन केवल एक घटना तक सीमित नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा संघर्ष है।
10 जनवरी की शाम मशाल जुलूस निकालने का आह्वान
संघर्ष मंच ने अपील में कहा है कि 11 जनवरी के उत्तराखंड बंद से पहले 10 जनवरी की
शाम को राज्य के सभी शहरों, कस्बों और गांवों में मशाल जुलूस निकाले जाएं।
इसके जरिए आमजन को उत्तराखंड बंद के समर्थन में जागरूक करने
और अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया गया है।
व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने सभी व्यापारिक संगठनों, व्यापारी बंधुओं
और सामाजिक संस्थाओं से विशेष रूप से अपील की है कि वे उत्तराखंड बंद को सफल बनाने में
अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।
मंच का कहना है कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही यह आंदोलन मजबूती के साथ आगे बढ़ सकता है।
न्याय और अस्मिता की लड़ाई बताया आंदोलन
मंच की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं,
बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और न्याय के लिए सामूहिक लड़ाई है।
मंच ने स्पष्ट किया कि जनता का सहयोग ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है आंदोलन
गौरतलब है कि यह आंदोलन उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहा है,
जिसमें न्याय की मांग को लेकर लगातार जन आंदोलन हो रहे हैं।
समय-समय पर प्रदेशभर में बंद, प्रदर्शन और रैलियों के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है।
शांति और एकजुटता के साथ आंदोलन की अपील
संघर्ष मंच ने आम जनता से यह भी अपील की है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण, अनुशासित और एकजुट तरीके से सफल बनाया जाए, ताकि न्याय की मांग पूरी मजबूती से सामने रखी जा सके।


















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