गोपेश्वर से हिरासत में ले जाए गए युवक की मौत
पोस्टमार्टम में देरी के विरोध में मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व सरस्वती देवी ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने में लापरवाही बरत रहा है
और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है, जिससे परिवार की पीड़ा और बढ़ रही है।
‘न्याय नहीं, तो आंदोलन जारी रहेगा’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सरस्वती देवी ने साफ कहा कि जब तक मृतक के परिजनों को न्याय नहीं मिलता
और पोस्टमार्टम समय पर पूरा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जाम के चलते हाईवे पर यातायात लंबे समय तक प्रभावित रहा और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
करीब 12:30 बजे तीन डॉक्टरों की टीम पहुंची, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। खबर लिखे जाने तक पोस्टमार्टम जारी था।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार, 05 अप्रैल (रविवार) सुबह करीब 7 बजे गोपेश्वर स्थित घर पर 5 लोग बिना वर्दी के पहुंचे, जिनमें से एक स्थानीय पुलिसकर्मी भी बताया गया।
उन्होंने खुद को हरियाणा पुलिस बताते हुए बलवंत सिंह को अपने साथ ले लिया।
आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।
रास्ते में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
परिजनों का कहना है कि कुछ समय बाद कर्णप्रयाग से फोन आया,
जिसमें बताया गया कि बलवंत सिंह की तबीयत खराब हो रही है और दवाइयों की जानकारी मांगी गई।
जब तक परिजन पहुंचे, उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया गया था।
श्रीनगर पहुंचने पर परिजनों को उनकी मृत्यु की सूचना दी गई।
पुलिस का पक्ष: NDPS एक्ट में कार्रवाई
स्थानीय पुलिस के अनुसार, बलवंत सिंह के खिलाफ NDPS Act के तहत हरियाणा पुलिस कार्रवाई कर रही थी।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पहले कर्णप्रयाग अस्पताल में भर्ती कराया गया,
और बाद में श्रीनगर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

















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