राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए
गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। इसी मामले में सह-आरोपी
और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
यह फैसला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार की अदालत ने सुनाया।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण
अदालत से बाहर आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि न्यायालय ने उन्हें और विनोद तोमर को “बाइज्जत बरी” किया है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उनका कहना था कि यदि कोई आरोप साबित हो जाता है तो वह सजा स्वीकार करेंगे,
लेकिन अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। उन्होंने अपने वकीलों और समर्थकों का आभार भी जताया।
क्या था पूरा मामला
यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा था।
शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
जांच के दौरान अभियोजन पक्ष ने 32 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
इसके बाद आरोपियों के बयान रिकॉर्ड किए गए और दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
2023 में देशभर में हुआ था बड़ा आंदोलन
साल 2023 में इस मामले को लेकर देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
ओलंपिक पदक विजेता विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना दिया था।
प्रदर्शनकारियों ने बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और उन्हें WFI से हटाने की मांग की थी।
महिला पहलवान करेंगी फैसले को चुनौती
अदालत के फैसले के बाद पहलवान विनेश फोगाट ने निराशा जताते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि महिला पहलवान
इस निर्णय के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगी। उनके अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न),
354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे।
POCSO मामले में पहले ही मिल चुकी थी राहत
इस प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में एक नाबालिग पहलवान ने भी बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगाए थे।
बाद में शिकायत वापस लेने के बाद दिल्ली पुलिस ने POCSO Act के तहत दर्ज मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की थी,
जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया था।















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