CM धामी को लिखा पत्र
टिहरी गढ़वाल के नैथाणा गांव निवासी दीपक पटवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है।
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने पीड़ित परिवार की आशंकाओं का हवाला देते हुए सीबी-सीआईडी जांच की स्वीकृति देने
और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
कालागढ़ गदेरे में मिला था शव
विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि नैथाणा गांव निवासी दीपक पटवाल का शव
खेंड़ाखाल से करीब चार किलोमीटर और गहड़ूखाल से लगभग दो किलोमीटर के बीच स्थित कालागढ़ गदेरे में संदिग्ध अवस्था में मिला था।
घटना के बाद से परिवार में दुख और चिंता का माहौल है।
दीपक के परिजनों को आशंका है कि उनके बेटे के साथ कोई गलत घटना हुई है।
इसी आशंका के चलते परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने और न्याय दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ने भी उठाया मामला
विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र के साथ नैथाणा गांव की क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता देवी का पत्र भी संलग्न किया है।
अनीता देवी ने मामले को गंभीर बताते हुए दीपक पटवाल की संदिग्ध मौत की जांच कराने का अनुरोध किया है।
विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबी-सीआईडी जांच
की स्वीकृति प्रदान की जाए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
फिलहाल उपलब्ध पत्र में परिवार की आशंकाओं और जांच की मांग का उल्लेख है।
मौत के कारणों और किसी संभावित आपराधिक घटना की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में जांच की स्वीकृति या आगे की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी निर्णय की जानकारी इस पत्र में नहीं दी गई है।
बैंक जाने के लिए घर से निकले थे दीपक, बाद में मिली मौत की खबर
परिजनों के मुताबिक, दीपक पटवाल करीब एक महीने से रेलवे में काम कर रहे थे।
26 तारीख को उन्हें वेतन लेने के साथ बैंक जाकर अपनी नातिन के नाम एफडी के लिए रखी गई रकम जमा करनी थी।
उस दिन बारिश हो रही थी और उनके तीन वर्षीय बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण पत्नी घर पर रुक गई।
इसके बाद दीपक अकेले घर से निकले।
परिवार का आरोप है कि रास्ते में उनकी मुलाकात सुनील नाम के व्यक्ति से हुई, जो उन्हें अपने साथ ले गया।
परिजनों के अनुसार, रेलवे में काम करने वाले कुछ लोगों ने भी दीपक को सुनील के साथ देखा था।
परिवार ने यह भी दावा किया कि दीपक को बाद में एक स्कूल की ओर ले जाया गया,
जहां उन्हें शराब पिलाई गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दीपक की बड़ी मां पुष्पा देवी के मुताबिक, 27 तारीख की रात करीब नौ से दस बजे के बीच उन्हें फेसबुक पर एक स्कूटी की तस्वीर मिली।
परिवार ने स्कूटी की पहचान दीपक की बताई। तस्वीर के साथ मिले संपर्क के जरिए एक ड्राइवर से बात की गई,
जिसने कथित तौर पर स्कूटी मिलने की जगह की जानकारी दी।
इसके बाद परिजन सुबह करीब पांच बजे बताए गए स्थान पर पहुंचे और दीपक की तलाश की।
बाद में उनकी मौत की जानकारी सामने आई।
परिवार ने घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि दीपक आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में थे
और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी पड़ताल होनी चाहिए।
















Leave a Reply