SFI ने उठाई दोषियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग
रीजनल रिपोर्टर ब्यूरो
जनपद के विकासनगर क्षेत्र में एक 18 वर्षीय कश्मीरी युवक पर हुए बर्बर हमले ने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) उत्तराखंड राज्य कमेटी ने इस घटना को कायरतापूर्ण करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि युवक को उसकी पहचान और धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया, जो सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
लोहे की रॉड से हमला, बाजू टूटी और सिर में आई गंभीर चोटें
जानकारी के अनुसार, पीड़ित कश्मीरी युवक कड़ाके की ठंड में शॉल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि भीड़ द्वारा उस पर लोहे की छड़ों (रॉड) से बेरहमी से हमला किया गया। इस हमले में युवक की बांह टूट गई है और उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरे जख्म के निशान हैं।

सांप्रदायिक नफरत और भीड़ हिंसा बर्दाश्त नहीं: SFI
SFI के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा और सचिव शैलेन्द्र परमार ने संयुक्त बयान जारी कर इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा:
”यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि मानवता और भारत में कहीं भी निर्भय होकर काम करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला है। सांप्रदायिक नफरत के आधार पर की गई भीड़ हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

















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