विभागाध्यक्ष डॉक्टर पर गंभीर आरोप
उत्तराखंड की राजधानी Dehradun में एक मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है।
नामी मेडिकल कॉलेज की एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी (नेत्र रोग) की 23 वर्षीय छात्रा तन्वी का शव सड़क किनारे खड़ी कार में मिला।
इस मामले में छात्रा के पिता ने विभागाध्यक्ष डॉक्टर पर मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार में अचेत अवस्था में मिली छात्रा
मामला Patel Nagar क्षेत्र का है। हरियाणा के Ambala के मॉडल टाउन निवासी ललित मोहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया
कि उनकी बेटी तन्वी सितंबर 2023 से देहरादून के एक मेडिकल कॉलेज में एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी।
वह अपनी मां के साथ देहरखास में रहती थी।
बीती रात तन्वी ने करीब एक घंटे तक अपने पिता से फोन पर बात की और अपनी परेशानियों के बारे में बताया।
रात करीब 11:15 बजे उसने मैसेज भेजा कि वह 12:30 बजे तक घर पहुंच जाएगी, लेकिन इसके बाद उसका संपर्क नहीं हो पाया।
परिजनों ने तलाश शुरू की तो अस्पताल मार्ग पर सड़क किनारे तन्वी की कार खड़ी मिली।
कार अंदर से लॉक थी और तन्वी ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में थी।
इसके बाद परिजनों ने कार का शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला और Mahant Indresh Hospital ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कार में मिला इंजेक्शन और मेडिकल सामान
परिजनों के अनुसार, तन्वी के हाथ में कैनुला लगा हुआ था और कार के अंदर इंजेक्शन सहित मेडिकल सामग्री बिखरी पड़ी थी।
इस घटना के बाद परिवार ने विभागाध्यक्ष डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विभागाध्यक्ष पर प्रताड़ना के आरोप
छात्रा के पिता का आरोप है कि दिसंबर 2025 में विभागाध्यक्ष बदलने के बाद उनकी बेटी को लगातार मानसिक दबाव में रखा जा रहा था।
उनका कहना है कि पहले लॉग बुक में अच्छे अंक दिए गए, लेकिन बाद में जानबूझकर कम अंक देकर फेल करने की धमकी दी जाने लगी।
पिछले चार महीनों से तन्वी काफी तनाव में थी और उसने कई बार घर पर विभागीय व्यवहार के बारे में बताया था।
अस्पताल प्रशासन का बयान
अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि डॉक्टर तन्वी लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य का उपचार ले रही थीं।
जानकारी के अनुसार, उन्होंने दो साल पहले और 31 दिसंबर 2025 को भी आत्महत्या का प्रयास किया था।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि छात्रा की मानसिक बीमारी को लेकर अभिभावकों की ओर से कॉलेज को पहले ही लिखित जानकारी दी गई थी।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस के अनुसार, मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर विभागाध्यक्ष डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े दस्तावेजों को शामिल किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

















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