पोक्सो अधिनियम, किशोर न्याय कानून और साइबर अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल के माध्यम से जनपद में बाल संरक्षण
एवं साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में
देवभूमि पब्लिक स्कूल, नकोट (श्रीनगर) में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों को बताए गए बाल अधिकार और कानूनी प्रावधान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, पोक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम,
साइबर अपराधों से बचाव और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला थाना की पुलिस इंस्पेक्टर प्रियंका भारद्वाज ने पोक्सो अधिनियम के
अंतर्गत बच्चों के साथ होने वाले अपराधों, कानूनी अधिकारों और शिकायत प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया।

साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश
थाना श्रीनगर से इंस्पेक्टर विमल कुमार ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी से बचाव और डिजिटल सतर्कता पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1030 की जानकारी देते हुए
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की।
बाल कल्याण समिति व चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका पर चर्चा
बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट ने समिति की कार्यप्रणाली, अधिकारों और
संकटग्रस्त बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
वहीं पूजा नेगी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से मिलने वाली सहायता
और आपात स्थितियों में त्वरित मदद की प्रक्रिया को उदाहरणों के साथ समझाया।
बाल विवाह और किशोर न्याय अधिनियम पर जानकारी
कार्यक्रम में निखिल डेविड ने पोक्सो अधिनियम और किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
प्रज्ञा नैथानी ने बाल विवाह के सामाजिक और मानसिक दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसकी रोकथाम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की अहम भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानाचार्य ने किया जागरूक रहने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवान सिंह ने सभी अतिथियों एवं वक्ताओं
का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने,
गलत के खिलाफ आवाज उठाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
















Leave a Reply