चार वर्षों से RVNL के कब्जे में रहा ऐतिहासिक मैदान, खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी राहत
श्रीनगर गढ़वाल के ऐतिहासिक जी.आई. एंड टी.आई. मैदान को लेकर लंबे समय से उठ रही
आवाज़ों के बीच आखिरकार राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट बयान आया है।
काबीना मंत्री और स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि यह मैदान
एक वर्ष के भीतर जनसाधारण के लिए खोल दिया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बीते चार सालों से
यह मैदान रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अधीन रहा है,
जिससे स्थानीय खेल गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है।
चार साल से बंद मैदान, खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप
डॉ. धन सिंह रावत ने माना कि मैदान के अधिग्रहण से सबसे ज्यादा नुकसान स्थानीय
खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस मैदान से जुड़े सभी पहलुओं पर RVNL स्तर
पर बातचीत चल रही है और जल्द समाधान निकलेगा।
खेल प्रतिभाओं और सामाजिक संगठनों ने उठाई आवाज़
मैदान की बदहाली को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, शारीरिक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। सभी की एकमत राय है कि—
“जी.आई. एंड टी.आई. मैदान को तुरंत RVNL से मुक्त किया जाना चाहिए।”
स्थानीय युवाओं का कहना है कि मैदान बंद होने से उन्हें न खेल का अभ्यास मिल पा रहा है, न प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर।
मंत्री का बयान स्वागत योग्य, लेकिन समयसीमा पर सवाल
हालांकि काबीना मंत्री का बयान जनता के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि—
एक साल की अवधि बहुत लंबी है और इस पर तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि यदि मंत्री स्वयं RVNL से वार्ता करें तो यह प्रक्रिया और तेज़ हो सकती है।
श्रीनगर के खेल भविष्य से जुड़ा मामला
जी.आई. एंड टी.आई. मैदान श्रीनगर की पहचान का हिस्सा रहा है। यही मैदान राज्य स्तर के खिलाड़ियों को गढ़ता रहा है और प्रतियोगिताओं का केंद्र रहा है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि—
सरकार अपने वादे को ज़मीन पर कब उतारती है।
















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