शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह
माह तक के बच्चों के लिए तैयार खाद्य उत्पादों में अतिरिक्त चीनी के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।
इसके तहत उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।
फिलहाल यह प्रस्तावित संशोधन है, इसे लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए।
शिशु आहार के नियमों में बदलाव की तैयारी
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में संशोधन
के लिए मसौदा अधिसूचना जारी की है।
यह प्रस्ताव खाद्य सुरक्षा एवं मानक संशोधन विनियम, 2026 के तहत लाया गया है।
सुक्रोज सामान्य चीनी में पाया जाता है, जबकि फ्रुक्टोज फलों सहित कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है।
प्रस्ताव का उद्देश्य छह माह तक के शिशुओं के लिए तैयार खाद्य उत्पादों में इन शर्कराओं को अलग से मिलाने पर रोक लगाना है।
60 दिनों में दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां
FSSAI ने मसौदा अधिसूचना पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपनी राय प्रस्तुत की जा सकती है।
प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद संशोधन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
शुरुआती पोषण पर विशेष जोर
बच्चे के जीवन के पहले छह महीने विकास और पोषण के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं।
ऐसे में शिशु आहार में अतिरिक्त शर्करा के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है।
यदि संशोधन अंतिम रूप से अधिसूचित होता है, तो संबंधित खाद्य उत्पादों के लिए नए प्रावधान लागू हो सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल प्रतिबंध प्रस्ताव के स्तर पर है। इसके लागू होने की स्थिति अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।















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