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जीबी पंत इंजीनियरिंग संस्थान में ग्रेडिंग सिस्टम पर बवाल

राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन

G.B. Pant Institute of Engineering and Technology एक बार फिर विवादों में है।

इस बार मामला संस्थान में लागू ग्रेडिंग सिस्टम से जुड़ा है।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने संस्थान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला

छात्रों का आरोप है कि वर्तमान ग्रेडिंग प्रणाली राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थानों के अनुरूप नहीं है।

उनका कहना है कि इससे उनके शैक्षणिक मूल्यांकन और भविष्य के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।

विशेष रूप से, वर्ष 2022 में Uttarakhand Technical University द्वारा पारंपरिक अंक प्रणाली की जगह ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया गया।

हालांकि, छात्रों का दावा है कि यह प्रणाली राष्ट्रीय मानकों से मेल नहीं खाती।

ग्रेडिंग में कहां है विसंगति

छात्रों के अनुसार:

  • 78 अंक पर राष्ट्रीय स्तर पर 8 CGPA मिलना चाहिए।
    लेकिन विश्वविद्यालय की प्रणाली में केवल 7 CGPA दिया जा रहा है।
    गुणांक प्रक्रिया के बाद यह घटकर लगभग 6.5 रह जाता है।
  • 74 अंक पर 7 CGPA दिया जाता है।
    आगे की गणना में यह घटकर करीब 6.4 रह जाता है।

छात्रों का दावा है कि इससे उन्हें 10 से 15 प्रतिशत तक शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।

करियर पर पड़ रहा असर

छात्रों का कहना है कि मौजूदा ग्रेडिंग सिस्टम का सीधा प्रभाव प्लेसमेंट पर पड़ रहा है।

साथ ही, Graduate Aptitude Test in Engineering यानी Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) पास करने के बाद भी उन्हें राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश में कठिनाई हो रही है।

भारत सरकार की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करते समय भी CGPA का अंतर बाधा बन रहा है।

छात्राओं ने कहा कि इस स्थिति से मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।

टॉप रैंकर्स को भी दिक्कत

कंप्यूटर साइंस अंतिम वर्ष के छात्र लवेश भंडारी ने GATE परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की।

वहीं गौरव नेगी ने 547वीं और अनमोल ने 458वीं रैंक प्राप्त की।

इसके बावजूद, ग्रेडिंग विसंगति के कारण उन्हें राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों की साफ मांग

छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग अंक बढ़ाने की नहीं है।

वे केवल राष्ट्रीय ग्रेडिंग प्रणाली के अनुरूप मूल्यांकन चाहते हैं।

उनका कहना है कि समान स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए समान ग्रेडिंग आवश्यक है।

संस्थान प्रशासन का जवाब

प्रदर्शन के बाद संस्थान प्रशासन ने छात्रों से वार्ता की।

प्रभारी निदेशक प्रो. केकेएस मेर ने कहा कि छात्रहित सर्वोपरि है।

उन्होंने बताया कि यह मुद्दा पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा जा चुका है।

होली पर्व के बाद एक समिति छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन से विस्तृत वार्ता करेगी।

क्या आंदोलन होगा तेज?

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस ग्रेडिंग विवाद पर क्या फैसला लेता है।

https://regionalreporter.in/campus-crisis-india-2025/
https://youtu.be/7S6Wz1SiKak?si=_y_XaW8ZnGJotpqy
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