रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

2027 से पहले हरीश रावत की नई सियासी पहल

बेटे आनंद को चुनाव लड़ाने की इच्छा जताई

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे आनंद रावत को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

हरीश रावत ने संकेत दिया है कि वह चाहते हैं कि आनंद इस बार विधानसभा चुनाव लड़ें।

हरीश रावत के मुताबिक, आनंद ने ऐसी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है,

जहां कांग्रेस लंबे समय से जीत हासिल नहीं कर सकी है।

उनका कहना है कि इस सीट पर फिलहाल कांग्रेस के पास कोई मजबूत दावेदार भी नहीं है।

बोले- किसी का हक मारकर टिकट नहीं चाहिए

हरीश रावत ने आनंद की दावेदारी को लेकर यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी दूसरे दावेदार का अधिकार

छीनकर बेटे को टिकट दिलाने के पक्ष में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि उत्तराखंडियत की जिस सोच को उन्होंने आगे बढ़ाया, उसे आनंद भी आगे लेकर जाएं।

लेकिन टिकट का फैसला पार्टी को सभी दावेदारों की स्थिति देखकर करना होगा।

हरीश रावत ने अपनी बेटी अनुपमा रावत का उदाहरण भी दिया।

उन्होंने बताया कि अनुपमा ने भी हरिद्वार ग्रामीण जैसी चुनौतीपूर्ण सीट से चुनाव लड़ा था, जहां कांग्रेस लंबे समय से जीत नहीं पाई थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में अनुपमा रावत को हार का सामना करना पड़ा,

लेकिन हरीश रावत के मुताबिक वह अब भी अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं और लगातार लोगों के बीच काम कर रही हैं।

1984 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत

हरीश रावत के बयान के मुताबिक आनंद जिस सीट को लेकर रुचि दिखा रहे हैं,

वहां कांग्रेस लंबे समय से जीत नहीं सकी है। दावा है कि पार्टी ने इस सीट पर आखिरी बार 1984 में जीत दर्ज की थी।

हालांकि, आनंद रावत को किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा, इसे लेकर अभी कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

2027 के चुनाव से पहले हरीश रावत का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है,

क्योंकि इससे उनके परिवार की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

अंतिम टिकट और सीट का फैसला कांग्रेस नेतृत्व को करना होगा।

https://youtu.be/iBt4bZTkf7E?si=MeixtgND_jlUsaNv
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *