ईरान बोला- ‘हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में’
नई दिल्ली। भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी राहत की खबर आई है।
ईरान ने साफ कहा है कि उसके “भारतीय दोस्तों” को चिंता करने की जरूरत नहीं है और वे सुरक्षित हाथों में हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज से
जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित हो गई है।
ईरान की भारत स्थित एंबेसी ने 2 अप्रैल को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “Our Indian friends are in safe hands, no worries.”
इस बयान को भारत के लिए ईंधन और एलपीजी लेकर आ रहे जहाजों के सुरक्षित मार्ग के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत के जहाजों को मिली सुरक्षित आवाजाही
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान फिलहाल केवल मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे रहा है।
इनमें भारत, चीन और रूस जैसे देश शामिल हैं।
भारत के लिए यह राहत इसलिए अहम है क्योंकि देश के तेल और गैस आयात का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है।
8 जहाज भारत पहुंच चुके
जंग शुरू होने के बाद अब तक कम से कम 8 जहाज होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं।
इनमें दो LPG कैरियर भी शामिल हैं, जिनमें करीब 94 हजार टन LPG लदी थी।
इससे भारत में गैस और ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।
अब भी कई जहाज फंसे
हालांकि अभी भी भारत के लिए ईंधन लेकर जा रहे कई जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक 10 विदेशी जहाज अब भी रास्ते में अटके हैं, जिनमें:
- 3 LPG शिप
- 4 कच्चे तेल के टैंकर
- 3 LNG कैरियर
शामिल हैं। भारत सरकार और नौसेना इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटी है।
क्यों अहम है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
ऐसे में यहां किसी भी तरह की नाकेबंदी का असर सीधे भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।




















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