वायरल वीडियो में भू-माफिया और पुलिस पर आरोप
फर्जी जमीन सौदे से टूटे किसान ने होटल में खुद को मारी गोली, जांच के आदेश
उत्तराखंड के काठगोदाम क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।
काशीपुर निवासी किसान ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार, किसान एक फर्जी जमीन सौदे में करीब 4 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हुआ था,
जिसके बाद वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
आत्महत्या से पहले किसान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपनी आपबीती साझा की और आरोपियों के नाम भी बताए।
मृतक की पहचान और घटना का विवरण
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान सुखवंत सिंह (40) निवासी पैगा गांव, काशीपुर के रूप में हुई है।
सुखवंत अपनी पत्नी प्रदीप कौर (40) और बेटे गुरसहज सिंह (14) के साथ नैनीताल घूमने आए थे।
वापसी के दौरान उन्होंने काठगोदाम क्षेत्र के एक होटल में कमरा लिया, जहां यह दुखद घटना हुई।
पत्नी प्रदीप कौर ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 3 बजे उनके सिर पर चोट लगने से उनकी नींद खुली।
उस वक्त सुखवंत बेहद गुस्से में थे। वह बेटे को लेकर मदद मांगने होटल के रिसेप्शन की ओर भागीं, तभी सुखवंत ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज आई।
होटल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर सुखवंत को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
SSP का बयान: पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच जारी
नैनीताल के एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया है
और घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो में क्या बोले सुखवंत सिंह
आत्महत्या से पहले पोस्ट किए गए वीडियो में सुखवंत सिंह ने खुद को भू-माफिया गिरोह की साजिश का शिकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- उन्हें बक्सौरा गांव में 7 एकड़ जमीन दिखाई गई
- लेकिन रजिस्ट्रेशन किसी दूसरी जमीन के नाम कर दिया गया
- सौदे में उन्होंने 3 करोड़ रुपये नकद और 1 करोड़ रुपये बैंक ट्रांसफर से दिए
वीडियो में सुखवंत ने आरोपियों के नाम भी लिए और कहा कि वे पिछले 4–6 महीनों से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने वीडियो में उत्तराखंड पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और दावा किया
कि उन्होंने इस संबंध में उधम सिंह नगर के एसएसपी से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है।
इसके अलावा, उत्तराखंड के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कुमाऊं रेंज के
आईजी रिद्धिम अग्रवाल को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
















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