श्रीनगर में इलाज जारी
खिर्सू ब्लॉक में सुबह पानी लेने गए बुजुर्ग पर हमला, क्षेत्र में दहशत
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है।
ताजा मामला विकासखंड खिर्सू के जोगड़ी गांव का है, जहां गुलदार ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घायल बुजुर्ग का इलाज श्रीनगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
सुबह पानी लेने गए थे बुजुर्ग
जानकारी के अनुसार, जोगड़ी गांव निवासी 73 वर्षीय हीरा सिंह शनिवार सुबह करीब सात बजे गांव के पास धारे से पानी लेने जा रहे थे।
इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। गुलदार उन्हें खींचकर नीचे की ओर ले जाने लगा।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार बुजुर्ग को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
सिर और हाथ पर गहरे जख्म
हमले में हीरा सिंह के सिर और दाहिने हाथ पर गहरे नाखून और दांत के निशान आए हैं।
गंभीर हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उनका इलाज श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
बालमणा में गुलदार पकड़ा, लेकिन खतरा खत्म नहीं
इसी बीच, विकासखंड कोट के बालमणा गांव में वन विभाग ने एक गुलदार को पिंजरे में कैद किया है।
पकड़े गए गुलदार को नागदेव रेंज मुख्यालय लाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वह स्वस्थ पाया गया है।
हालांकि, वह आदमखोर है या नहीं, इसकी पुष्टि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
प्रकाश लाल की मौत के बाद बढ़ा था आक्रोश
9 मार्च को चिवालु गांव निवासी 48 वर्षीय प्रकाश लाल का शव बालमणा के पास क्षत-विक्षत हालत में मिला था।
आशंका जताई गई थी कि उन्हें गुलदार ने हमला कर मार डाला।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर गुलदार को आदमखोर घोषित करने और उसे पकड़ने की मांग की थी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
- 15 सदस्यीय टीम तैनात
- 2 शूटर लगाए गए
- 6 पिंजरे लगाए गए
- 14 कैमरा ट्रैप सक्रिय
एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि पकड़े गए गुलदार का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
वहीं, जोगड़ी गांव में हमले के बाद भी टीम को अलर्ट कर दिया गया है और गश्त बढ़ाई गई है।
ग्रामीणों में डर, कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में डर बढ़ता जा रहा है।
लोग सुबह-शाम घर से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र को जल्द गुलदार के आतंक से मुक्त किया जाए।
साथ ही घायल बुजुर्ग को बेहतर इलाज देने और गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग भी उठाई जा रही है।

















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