लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया अदम्य साहस
त्रियुगीनारायण निवासी अधिकारी के सम्मान से क्षेत्र में खुशी की लहर
केदार घाटी के त्रियुगीनारायण निवासी और राजपूत रेजिमेंट की चतुर्थ बटालियन में तैनात
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह मोहन सिंह को भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सेना मेडल सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रदर्शित अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और शौर्य पराक्रम के लिए प्रदान किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई वीरता
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह ने
कठिन परिस्थितियों में न केवल अपने दल का कुशल नेतृत्व किया,
बल्कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी रणनीतिक सूझबूझ और निर्भीक निर्णयों ने ऑपरेशन की सफलता सुनिश्चित की, जिसके लिए सेना नेतृत्व द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
राजपूत रेजिमेंट की परंपरा को बढ़ाया आगे
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह राजपूत रेजिमेंट की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं, जो सदैव शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति के लिए जानी जाती रही है।
उनका यह सम्मान न केवल रेजिमेंट बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।
क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल
सेना मेडल मिलने की खबर जैसे ही केदार घाटी और त्रियुगीनारायण क्षेत्र में पहुंची,
लोगों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
सेवा, समर्पण और शौर्य की मिसाल
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह को मिला यह सम्मान भारतीय सेना के उन जांबाज अधिकारियों को समर्पित है,
जो देश की सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर रहते हैं।
उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
















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