भाजपा की युवा उम्मीदवार को मिला मिथिला का समर्थन, आरजेडी के विनोद मिश्रा पीछे
दरभंगा जिले की चर्चित अलीनगर विधानसभा सीट पर मतगणना के शुरुआती दौर ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
बीजेपी की उम्मीदवार और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने शुरुआती राउंड्स में ही स्पष्ट बढ़त बना ली है और रुझानों के अनुसार वे अपने प्रतिद्वंद्वी विनोद मिश्रा (RJD) से आगे चल रही हैं।
पहले चरण की वोटिंग और मौजूदा स्थिति
इस सीट पर 6 नवंबर को वोटिंग हुई थी। सुबह की गिनती में मिले आंकड़ों के अनुसार मैथिली ठाकुर ने 28 हजार से अधिक वोट प्राप्त किए हैं। आरजेडी उम्मीदवार विनोद मिश्रा अभी पीछे चल रहे हैं।
2020 के पिछले चुनाव में यह सीट बेहद कम अंतर 3101 वोट से तय हुई थी, इसलिए इस साल के रुझानों ने राजनीतिक हलकों में खास चर्चा पैदा की है।
ब्राह्मण-मुस्लिम समीकरण और स्थानीय गणित
अलीनगर सीट लंबे समय से जातीय समीकरणों के आधार पर बदलती रही है।
- ब्राह्मण समुदाय का प्रभाव यहाँ हमेशा निर्णायक रहा है।
- साथ ही मुस्लिम मतदाताओं की आबादी 21% के करीब है।
- अनुसूचित जाति मतदाता लगभग 12% हैं।
किसी भी पार्टी के लिए जीत का रास्ता तब तक पक्का नहीं होता जब तक इन तीनों वर्गों में से दो वर्ग उसके पक्ष में न जाएँ।
मैथिली ठाकुर का राजनीतिक पदार्पण और चुनौतियाँ
पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहीं मैथिली ठाकुर ने अपनी लोकप्रियता और सांस्कृतिक पहचान को आधार बनाकर इलाके में मजबूत जमीन तैयार की।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने सड़क, पानी, शिक्षा जैसे मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय पहचान से जुड़े कई वादे किए, जिनसे युवा और महिलाओं में खास उत्साह दिखा।
हालांकि, उन्हें पार्टी के स्थानीय नेताओं के विरोध, टिकट वितरण विवाद और बाहरी उम्मीदवार की छवि जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। इसके बावजूद शुरुआती रुझान उन्हें फायदा दिखा रहे हैं।
मूड ऑफ द सीट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती बढ़त अलीनगर में जरूरी नहीं कि आख़िरी बढ़त भी साबित हो।
यह सीट पिछले कई चुनावों में अचानक पलटाव के लिए जानी जाती है।
हालाँकि, इस बार के रुझानों ने भाजपा समर्थकों में उत्साह भर दिया है।
















Leave a Reply