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ईरान में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की कथित गिरफ्तारी

मानवाधिकार वकील की श्रद्धांजलि सभा के दौरान हिरासत में लिए जाने का दावा, सरकार की चुप्पी

ईरान की प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को एक बार फिर कथित तौर पर गिरफ्तार किए जाने का दावा सामने आया है।

यह दावा उनके समर्थकों और उनके नाम पर बनी संस्था ने शुक्रवार, 12 दिसंबर को किया।

हालांकि, इस कथित गिरफ्तारी को लेकर ईरानी सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

53 वर्षीय नरगिस मोहम्मदी को वर्ष 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वे लंबे समय से ईरान में महिलाओं के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और

मृत्युदंड के खिलाफ संघर्ष का प्रमुख चेहरा रही हैं।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान कथित हिरासत

नरगिस फाउंडेशन के अनुसार, नरगिस मोहम्मदी को उस समय हिरासत में लिया गया,

जब वे मानवाधिकार वकील खोसरो अलीकोर्डी की सातवीं दिन की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए मशहद पहुंची थीं।

खोसरो अलीकोर्डी की बीते सप्ताह उनके कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।

संस्था का दावा है कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और पुलिस बलों ने मोहम्मदी को

जबरन हिरासत में लिया, साथ ही कई अन्य समर्थकों को भी पकड़ा गया।

पति और समर्थकों ने गिरफ्तारी की पुष्टि की

पेरिस में रह रहे नरगिस मोहम्मदी के पति तघी रहमानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गिरफ्तारी का दावा करते हुए लिखा कि:

“नरगिस मोहम्मदी, सेपीदेह कोलियान और कुछ अन्य लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यक्रम में शामिल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया।

बिना हिजाब संबोधन का वीडियो वायरल

श्रद्धांजलि सभा से जुड़े कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं,

जिनमें नरगिस मोहम्मदी को बिना हिजाब और स्कार्फ के माइक्रोफोन से लोगों को संबोधित करते हुए देखा गया।

उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से ‘मजीदरेजा रहनावरद’ का नाम जपने का आह्वान किया,

जिन्हें वर्ष 2022 में सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई थी।

यह मुद्दा ईरान में पहले ही अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बन चुका है।

स्वास्थ्य कारणों से मिली थी अस्थायी रिहाई

गौरतलब है कि नरगिस मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य कारणों के चलते अस्थायी तौर पर जेल से रिहा किया गया था।

उनके समर्थकों के अनुसार:

  • 2022 में उन्हें जेल में कई हार्ट अटैक आए
  • इमरजेंसी सर्जरी करानी पड़ी
  • 2024 के अंत में उनकी हड्डी में चोट पाई गई थी, जिससे कैंसर की आशंका जताई गई थी
  • बाद में इलाज के बाद स्थिति नियंत्रित बताई गई

समर्थक लंबे समय से चेतावनी दे रहे थे कि उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है।

मानवाधिकार आंदोलन में लंबा संघर्ष

नरगिस मोहम्मदी ने भौतिकी (Physics) में पढ़ाई की है

और वर्ष 2003 में ‘डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर’ से जुड़ीं।

इस संगठन की स्थापना नोबेल पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी ने की थी।

  • 2011 में पहली बार गिरफ्तारी
  • जेल में बंद कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों की मदद का आरोप
  • कई वर्षों तक जेल में रहीं
  • 2015 में मृत्युदंड विरोधी अभियान से जुड़ने पर दोबारा गिरफ्तारी
  • सजा बढ़ाई गई
  • बाद में मेडिकल आधार पर अस्थायी रिहाई

अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

नरगिस मोहम्मदी की कथित गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और ईरान के आलोचकों में चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक नोबेल पुरस्कार विजेता की गिरफ्तारी ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ा सकती है।

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