कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अशोक जोशी ने
विभिन्न विभागों से जुड़ी 34 जनशिकायतों की सुनवाई की। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया
गया, जबकि शेष मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय में निस्तारित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन और जनशिकायतों की हुई समीक्षा
कार्यक्रम के दौरान सीडीओ ने सीएम हेल्पलाइन, ई-ऑफिस, जनदर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की
विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक
निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आपदा से क्षतिग्रस्त मकान का मामला भी पहुंचा जनता मिलन
भिताई मल्ली निवासी रणवीर सिंह ने 22 जुलाई की अतिवृष्टि से उनके मकान के सामने बने पुश्ते के क्षतिग्रस्त होने की
शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि इससे उनके आवास को खतरा पैदा हो गया है। इस पर सीडीओ ने जिला विकास
अधिकारी को वीबीजीवाई योजना के तहत पुश्ते के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ड्रेनेज और पेंशन संबंधी शिकायतों पर भी निर्देश
न्यू विकास कॉलोनी निवासी एजाज अंसारी ने पड़ोसी मकानों का ड्रेनेज पानी अपने घर में आने की शिकायत की।
इस पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान निकालने को कहा गया।
वहीं, थली गांव की शकुंतला देवी ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की।
इस पर समाज कल्याण विभाग को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर जल्द पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अन्य शिकायतों पर भी हुई कार्रवाई
जनता मिलन के अलावा प्रशासन ने अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी प्रगति की जानकारी दी।
- सिंदूड़ी बड़ी में क्षतिग्रस्त पुश्ते के पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने आगणन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- बैंगवाड़ी निवासी मनमोहन सिंह रावत की आपदा मुआवजा शिकायत पर राजस्व विभाग ने पुनः जांच पूरी कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
- एमआईसी रोड निवासी राजेंद्र सिंह रावत की पशु चारे की शिकायत पर पशुपालन विभाग ने भूसे की मांग भेजने और उपलब्ध होते ही प्राथमिकता से वितरण का आश्वासन दिया।
बड़ा सवाल भी उठा
जनता मिलन में आपदा प्रभावित लोगों की शिकायतें सामने आने के बाद एक अहम सवाल भी खड़ा हो रहा है
कि आखिर आपदा प्रभावित लोगों को अपनी समस्याएं लेकर जनता दरबार तक क्यों पहुंचना पड़ा?
जब प्राकृतिक आपदा से लोग पहले ही प्रभावित हैं, तो क्या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं थी कि वह स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में
पहुंचकर उनकी समस्याओं का आकलन करता और राहत कार्य सुनिश्चित करता?
आपदा प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी भी उतनी ही आवश्यक मानी जाती है।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएफओ, एडीएम, संयुक्त मजिस्ट्रेट, सीएमओ, जिला विकास अधिकारी, नगर पालिका, लोक निर्माण
विभाग, विद्युत, जल संस्थान, समाज कल्याण, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने संबंधित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिलाया।















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