टूटी 24 इंची लाइन ने बढ़ाई मुश्किल
गंगा असनोड़ा
श्रीनगर। रविवार श्रीकोट क्षेत्र में पुस्ता ढहने के कारण जल संस्थान की करीब 12 MLD क्षमता वाली पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके साथ ही श्रीनगर और पौड़ी क्षेत्र में आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।
जल संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाएगी।

क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत के लिए 24 इंच पाइप की आवश्यकता है,
लेकिन यह पाइप स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध नहीं है और अधिकारियों के अनुसार इसे ऑन-डिमांड मंगाना पड़ता है।
ऐसे में पाइप की उपलब्धता और नदी के जलस्तर—दोनों पर पेयजल आपूर्ति की बहाली निर्भर करेगी।
बारिश के बाद नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ तो मरम्मत कार्य में और मुश्किलें आ सकती हैं।
जल संस्थान के सहायक अभियंता अर्पित मित्तल का कहना है कि आपूर्ति बाधित रहेगी, लेकिन जहां ज्यादा परेशानी होगी,
वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
यात्रा रुकी, अब होटल कारोबार की भी परीक्षा
श्रीनगर चारधाम यात्रा मार्ग का प्रमुख पड़ाव है और यात्रा पर दो दिन की रोक के बीच पेयजल संकट ने होटल कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
होटल व्यवसायियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद वैसे ही यात्रियों के ठहरने में कमी आई है।
ऐसे में यात्रा दोबारा शुरू होने पर यदि यात्री श्रीनगर में रुकते हैं तो होटलों में पानी की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है।
होटल संचालक टैंकरों से पानी की व्यवस्था कैसे करते हैं और जल संस्थान उनकी कितनी मदद कर पाता है, यह भी अहम होगा।

अनियोजित शहर में टैंकर व्यवस्था कितनी कारगर?
श्रीनगर में यदि व्यापक स्तर पर पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है तो हर मोहल्ले तक टैंकरों से पानी पहुंचाना जल संस्थान के लिए बड़ी चुनौती होगी।
शहर की मौजूदा अनियोजित बसावट के बीच सवाल यह है कि कितने टैंकर लगाए जाएंगे,
किन इलाकों को प्राथमिकता मिलेगी और कितने समय तक यह वैकल्पिक व्यवस्था चल पाएगी।
फिलहाल श्रीनगर-पौड़ी के लिए आने वाले दिन पानी की परीक्षा के होंगे।


















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