मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में करीब डेढ़ साल बाद अदालत ने फैसला सुना दिया है।
जिला अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी माना है।
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार, 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया।
अब अदालत 15 दिन बाद दोनों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
हत्या के बाद शव के किए थे टुकड़े
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या की थी।
आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया गया।
पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले में ड्रम के अलावा चाकू, सीमेंट और बालू समेत कई साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए गए।
जुलाई 2025 में जिला अदालत में मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
पुलिस ने करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
126 पेशियों के बाद आया फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 126 पेशियां हुईं। 17 सितंबर को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हुई थी।
इसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।
बुधवार को मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों को हत्या का दोषी माना।
परिवार ने मांगी फांसी की सजा
फैसले के बाद सौरभ के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
सौरभ की मां रेनू देवी ने कहा कि बेटे की हत्या के बाद से परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
परिवार का कहना है कि दोनों आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
हालांकि, अभी अदालत ने केवल दोनों को दोषी करार दिया है और सजा का फैसला 15 दिन बाद होगा।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में रखे साक्ष्यों को दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त बताया।
उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने निर्णय का भी संदर्भ दिया।
अब अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि दोषी ठहराए गए मुस्कान और साहिल को कानून के तहत कौन-सी सजा दी जाएगी।















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