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सिमली बेस अस्पताल की मांग पर देहरादून पहुंचे आंदोलनकारी

आज मुख्यमंत्री आवास कूच

50 से अधिक गांवों के लोग आंदोलन में शामिल, अस्पताल का शासनादेश जारी करने और पूरी सुविधाओं के साथ संचालन की मांग

चमोली जिले के सिमली में बेस अस्पताल को पूरी तरह संचालित करने की मांग को लेकर निकाली गई संघर्ष समिति की पदयात्रा मंगलवार को देहरादून पहुंच गई।

आंदोलनकारी सुबह 10 बजे हर्रावाला से आगे बढ़े और जोगीवाला पहुंचे।

समिति ने मुख्यमंत्री आवास कूच कर सरकार के सामने अपनी मांग रखने का कार्यक्रम तय किया है।

सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में यह पदयात्रा 11 अक्टूबर को शुरू हुई थी।

इसमें चमोली जिले के 50 से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं।

आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही है।

समिति का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद अस्पताल को पूरी सुविधाओं के साथ संचालित करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

12 साल पहले बना अस्पताल, अब भी पूरी सुविधाओं का इंतजार

सिमली में करीब 12 साल पहले महिला अस्पताल बनाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार यह अब भी आंशिक रूप से ही संचालित हो रहा है।

क्षेत्रवासी इसे पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा देने, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और संचालन से संबंधित शासनादेश जारी करने की मांग कर रहे हैं।

समिति का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण

आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।

पहाड़ी क्षेत्र में समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सिमली अस्पताल का पूरी क्षमता से संचालन जरूरी है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी शासनादेश का इंतजार

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 नवंबर 2024 को

गैरसैंण में सिमली के अस्पताल को बेस अस्पताल बनाने की घोषणा की थी।

हालांकि, संघर्ष समिति का आरोप है कि इसके बाद भी मांग के अनुरूप शासनादेश जारी नहीं हुआ।

इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने पदयात्रा के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया।

मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

पदयात्रा के दौरान आंदोलनकारियों ने ‘बेस अस्पताल नहीं, तो वोट नहीं’ का नारा भी दिया है।

समिति ने मांग पूरी नहीं होने पर 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल के पूर्ण संचालन के लिए ठोस निर्णय और शासनादेश चाहिए।

अब मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान संघर्ष समिति अपनी मांगों को सरकार के सामने रखेगी।

क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि सरकार अस्पताल के पूर्ण संचालन और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर क्या कदम उठाती है।

https://regionalreporter.in/gwaldam-nandkesari-road-quality-questions/
https://youtu.be/eRfk4qPzcpw?si=g-bXrAdddqlkYuN7
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