पुलिस ने FIR दर्ज की
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में
मरीज से मारपीट करने वाले डॉक्टर राघव निरुला को उनके पद से हटा दिया है।
शिमला पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ FIR भी दर्ज की है।
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में डॉ निरुला अस्पताल के बेड पर मरीज के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दिए।
क्या हुआ था वीडियो में
वीडियो में दिखाया गया कि डॉ निरुला ने मरीज अर्जुन सिंह को घूसे मारे।
अर्जुन सिंह ने बताया कि राउंड के दौरान डॉक्टर ने उनके एडमिशन और मेडिकल पेपर्स के बारे में सवाल किए।
ऑक्सीजन की कमी और फेफड़ों की समस्या के कारण वे ठीक से जवाब नहीं दे पाए।
इसके बाद डॉक्टर और मरीज के बीच बहस हुई
और गुस्से में डॉ निरुला ने बार-बार अर्जुन सिंह के चेहरे और शरीर पर मुक्के मारे।
इस मारपीट से मरीज की नाक और मुंह से खून बहा और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं।
अर्जुन सिंह ने बताया कि दूसरे डॉक्टर ने उनके पैर पकड़ रखे थे,
जिससे वह खुद का बचाव नहीं कर सके।
हमला इतना गंभीर था कि उनकी ऑक्सीजन पाइप टूट गई, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ गई।
सरकार और मरीज की प्रतिक्रिया
सरकार के कदम से संतुष्ट अर्जुन सिंह ने मीडिया को बताया, “मैं सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं जिसने ऐसा कदम उठाया जो मिसाल बनेगा।”
FIR और आगे की कार्रवाई
मरीज ने 112 डायल कर पुलिस को बुलाया। शिमला पुलिस ने डॉ राघव निरुला
और दूसरे डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। दूसरा आरोपी डॉक्टर वही है जिसने मारपीट के दौरान मरीज के पैर पकड़े थे।
घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना 22 दिसंबर को शिमला के IGMC में हुई।
अर्जुन सिंह का फेफड़ों का इलाज चल रहा था और टेस्ट के लिए उन्हें पल्मोनरी ब्लॉक में ले जाया गया था।
ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें दो घंटे तक बेड पर ऑब्जर्वेशन के लिए रखा गया था।
मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटना का वीडियो उनके भाई ने रिकॉर्ड किया।
















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