वायुसेना से मदद मांगी गई
उत्तराखंड के चमोली जिले में विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से सटे जंगलों में लगी आग लगातार फैलती जा रही है।
चार दिन से धधक रही यह आग अब विकाराल रूप ले चुकी है ,
और वन विभाग द्वारा इसे काबू में करने के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो सके हैं।
दुर्गम पहाड़ियों में आग बुझाने में कठिनाई
फूलों की घाटी रेंज अंतर्गत भ्यूंडार पुलना की पहाड़ियों में लगी आग के कारण
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग चिंतित हैं।
रेंज अधिकारी चेतन कांडपाल ने बताया कि खड़ी पहाड़ी और चट्टानों के कारण लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे पैदल पहुंच बनाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
डीएफओ एस.के. दुबे ने कहा कि गोविंद घाट के सामने भ्यूंडार पुलना की आग
अब चारों दिशाओं में तेजी से फैल रही है। दुर्गम इलाके और सीमित संसाधनों के कारण आग बुझाने में कठिनाई बनी हुई है।
मौसम और हवा से चुनौती बढ़ी
रेंज अधिकारी ने यह भी बताया कि शाम के समय आग की तीव्रता थोड़ी कम हो जाती है,
लेकिन सुबह तापमान बढ़ने और तेज हवा की वजह से यह दोबारा भड़क उठती है।
इस कारण आग पर प्रभावी नियंत्रण अब तक नहीं पाया जा सका है।
वायुसेना से मदद का अनुरोध
वन विभाग ने आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हवाई माध्यम से पानी और अग्निशमन उपकरण की
आपूर्ति को आवश्यक बताया है।
इसी को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली ने आपदा प्रबंधन सचिव को पत्र
भेजकर वायुसेना से सहयोग मांगने की प्रक्रिया शुरू की है।
स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की सक्रियता
वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन दुर्गम और खड़ी
चट्टानों वाले इलाके में पैदल पहुंच और सीमित संसाधनों के कारण अभी तक आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।

















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