पैदल पहुंचने को मजबूर हुए जनप्रतिनिधि
ऊखीमठ: ऊखीमठ ब्लॉक सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत की प्रथम बैठक के दिन
नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
मुख्य बाजार से लेकर भारत सेवा आश्रम तक घंटों जाम लगने से जनप्रतिनिधियों
और अधिकारियों को भारी मशक्कत के बाद पैदल चलकर बैठक स्थल तक पहुंचना पड़ा।
बैठक के दिन यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
वैसे तो तहसील मुख्यालय में घंटों जाम लगना आम बात हो चुकी है, लेकिन क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक के दिन हालात और भी खराब हो गए।
इससे यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
जाम के मुख्य कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार,
- मोटर मार्ग के दोनों ओर आड़े-तिरछे खड़े वाहन,
- नगर की यातायात व्यवस्था का होमगार्ड जवानों के भरोसे संचालन,
- और पर्याप्त पार्किंग की कमी
जाम के प्रमुख कारण बने हुए हैं।
बैठकों के बाद भी नहीं मिली जाम से राहत
मुख्य बाजार में लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए स्थानीय व्यापारी, जनप्रतिनिधि और
पुलिस प्रशासन के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
घंटों जाम लगने से पैदल चलने वाले राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
करोड़ों की पार्किंग, फिर भी नहीं मिला लाभ
जाम से निजात के लिए वर्षों पूर्व केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण किया गया था।
हालांकि यह पार्किंग नगर क्षेत्र से बाहर मदमहेश्वर मार्ग पर बनाए जाने के कारण आम जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नई पार्किंग की मांग तेज
कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री आनंद सिंह रावत का कहना है कि भारत सेवा आश्रम
से लेकर थाने के मध्य नई पार्किंग का निर्माण होने के बाद ही नगर को जाम की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।
वहीं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अवतार सिंह नेगी ने कहा कि नगर क्षेत्र में लगने वाले जाम का खामियाजा वाहन चालकों, पर्यटकों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है और जाम से निजात दिलाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
अब भी बना हुआ है यक्ष प्रश्न
नगर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में कब सुधार होगा और घंटों लगने वाले जाम से कब निजात मिलेगी, यह सवाल अब भी स्थानीय लोगों के लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
















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