पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तराखंड सहित उत्तरी भारत में मौसम का मिज़ाज बुधवार को बदलने लगा है
और अगले दिनों पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से मौसम में बदलाव की संभावना है।
मौसम विभाग के डेटा और प्रीवियस सर्च रिपोर्ट के अनुसार 15 से 17 जनवरी के बीच
राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए जा रहे हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा,
जिससे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में वर्षा/बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
यह पहली महत्वपूर्ण सिस्टम है जो इस सर्दी में राज्य में भीगी हवा ला सकता है।
15–17 जनवरी की संभावित बारिश/बर्फबारी
- 15 जनवरी: पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ते हुए कई इलाकों में बादल छा सकते हैं और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की हल्की गतिविधि संभव है।
- 16 जनवरी: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में वर्षा/बर्फबारी और छिटपुट बारिश की संभावना है, खासकर ऊँचे इलाकों में।
- 17 जनवरी: पहाड़ियों में बारिश और बर्फबारी के साथ मौसम में बदलाव की संभावना बनी रहेगी।
पहाड़ी व मैदानी इलाकों का प्रभाव
- पहाड़ों में: तापमान कम रहने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियाँ हो सकती हैं।
- मैदानी इलाकों में: देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर आदि जिलों में सुबह-शाम कोहरा और धुंध बना रहने का अनुमान है और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के बाद कोहरे में वृद्धि हो सकती है।
सावधानियों की सलाह
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन से जानकारियाँ बताते हैं कि ऐसे मौसम बदलने वाले दौर में यात्रियों, किसानों और ग्रामीण जनों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
- सड़क मार्गों पर बरसात-बर्फ के कारण फिसलन और धीमी ड्राइविंग
- पहाड़ों में अलर्ट के दौरान गिरते पत्थरों/भूस्खलन की संभावनाओं पर ध्यान
- मैदानी इलाकों में घना कोहरा होने से वाहन चालकों को धीमी गति से चलने का सुझाव

















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