सीएम धामी ने राज्य जताया शोक
प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना व चिन्हित
राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और
पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने त्रिवेन्द्र पंवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री धामी ने पंवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
अपने संदेश में सीएम धामी ने कहा,
‘‘ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतत्प परिजनों एवं
उनके समर्थकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’
जमीनी राजनीति
सरोकारों से जुड़े एक आंदोलनकारी का खोना
त्रिवेंद्र सिंह पंवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने
कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जमीनी राजनीति
और सरोकारों से जुड़े एक आंदोलनकारी का खोना है।
उन्होंने कहा, “त्रिवेंद्र पंवार जैसा नेता, जो हमेशा राज्य के हितों के लिए लड़ा, उसकी असमय मृत्यु ने
हमें झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा केवल व्यक्तिगत क्षति नहीं,
बल्कि पूरे राज्य के लिए एक चेतावनी है कि हमारी सड़कों पर कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा है।”
धस्माना ने प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को जमकर आड़े हाथ लिया।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “प्रदेश में सड़क हादसे अब हत्या का पर्याय बन चुके हैं।
यह सरकार और पुलिस की घोर नाकामी है कि निर्दोष लोग लगातार अपनी जान गंवा रहे हैं।
हर हादसे के बाद केवल आश्वासन मिलते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
सिस्टम की इस लापरवाही का खामियाजा प्रदेशवासियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।”
त्रिवेंद्र सिंह पंवार का जाना राज्य की राजनीति और आंदोलनकारी भावना के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी असमय मृत्यु ने जहां सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है,
वहीं इसने प्रदेशवासियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है
कि सड़क हादसों से निपटने के लिए अब और कितनी जानों की बलि देनी पड़ेगी।
त्रिवेंद्र पवार का असमय जाना दुखद
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और
पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष और
दिग्गज राज्य आंदोलनकारी त्रिवेंद्र सिंह पवार के असमय जाने को बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि त्रिवेंद्र सिंह पवार ने अपनी असाधारण संघर्ष शक्ति से
राज्य आंदोलन में अपना बड़ा स्थान बनाया था।
उन्होंने जवानी के सारे अच्छे दिन उत्तराखंड राज्य निर्माण में लगाए।
यह दुर्भाग्य है कि, एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हुआ।
उन्होंने कहा इससे भी बड़ा दुर्भाग्य उत्तराखंड का है
कि इस तरह के व्यक्तित्व ना तो कहीं विधानसभा में पहुंच सके और ना ही कहीं संसद के सदस्य हो सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि जो लोग उत्तराखंड आंदोलन के असाधारण नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।
ऐसे लोगों को राज्यसभा में भेज कर पार्टी की सीमाओं को तोड़कर सम्मानित करें।
सोशल मीडिया से आ रहे श्रद्धांजलि संदेश
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि उत्तराखंड में उन लोगों को सम्मान देने में
किंचित राजनीतिक दल पीछे दिखाई देते हैं जिनकी वजह से यह राज्य एक शाश्वत सत्य बन सका है।
उन्होंसोशल मीडिया से आ रहे श्रद्धांजलि संदेश और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि,
उनके निधन से उन्होंने अपना एक परम मित्र, एक राज्य आंदोलन का महत्वपूर्ण अगुवा और ईमानदारी का प्रतीक नेता खो दिया है।
उन्होंने उत्तराखंड में विलक्षण प्रतिभाशाली नेताओं, कलाकारों, पत्रकारों,
सामाजिक सरोकारों से जुड़े सोशल मीडिया के लोगों वास्तुकारों, भाषाविदों को
सम्मानित करने के लिए राज्य में विधानपरिषद के गठन की भी मांग उठाई है।
जिससे कि जो लोग अपनी राजनीतिक की वजह से चाहे बड़े दलों में ना रहे हो लेकिन
उनके योगदान को राज्य की जनता सम्मानित समझ सके और उनका
योगदान भी राज्य के बेहतर भविष्य के लिए लिया जा सके।
उन्होंने संबंध में यूकेडी नेता काशी सिंह तेरी का नाम लिया और कहा कि
मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री मोदी से बात करके उन्हें राज्य की ओर से राज्यसभा में भेजने की वकालत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि वह मुख्यमंत्री होते तो ऐसा करना अपना दायित्व समझते।
त्रिवेन्द्र पंवार के निधन पर यूक्रांद के सदस्यों, विभिन्न पत्रकार संगठनों, सामाजिक सगठनों,
उपपा अध्यक्ष पी सी तिवारी, नैनीताल समाचार के संपादक राजीव लोचन शाह,
राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं तथा राज्य आंदोलनकारियों ने उनके असयम निधन पर गहरा शोक संवदेना प्रकट किया है।
















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