राष्ट्रपति मादुरो गिरफ्तार, दुनिया में हड़कंप
ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के बाद सत्ता परिवर्तन, UNSC की आपात बैठक आज
वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा किए गए बड़े सैन्य हमलों ने वैश्विक राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मचा दी है।
अमेरिकी कार्रवाई में अब तक कम से कम 40 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,
जिनमें नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं।
यह जानकारी अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने वेनेजुएला सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दी है।
3 जनवरी को शुरू हुआ सैन्य अभियान
अमेरिका ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ की शुरुआत की।
इस अभियान के तहत राजधानी काराकस सहित कई प्रमुख सैन्य
और प्रशासनिक ठिकानों पर रातभर हवाई और जमीनी हमले किए गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य सीधे वेनेजुएला की सत्ता संरचना को निशाना बनाना था।
राष्ट्रपति मादुरो और पत्नी गिरफ्तार
हमलों के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को
अमेरिकी सेना ने हिरासत में ले लिया।
दोनों को एक विशेष विमान के जरिए न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा।
किसी संप्रभु देश के मौजूदा राष्ट्रपति की इस तरह गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दुर्लभ घटना माना जा रहा है।
ट्रंप का ऐलान: ‘वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा’
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर
इस अभियान को पूरी तरह सफल बताया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला का प्रशासन संभालेगा,
जब तक वहां “सुरक्षित, सही और जिम्मेदार सत्ता परिवर्तन” नहीं हो जाता।
हालांकि, उन्होंने इस व्यवस्था की कोई समय-सीमा या विस्तृत रूपरेखा साझा नहीं की।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालेंगी
और इससे अमेरिका को आर्थिक लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को लंबे समय से उठाए गए नुकसान की भरपाई होगी।
डेल्सी रोड्रिग्ज बनीं अंतरिम राष्ट्रपति
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की कार्यकारी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है।
रोड्रिग्ज ने अमेरिकी हमले को “बर्बर साम्राज्यवादी आक्रमण” बताया और मादुरो व उनकी पत्नी की
तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला की संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने का प्रयास किया है।
UNSC की आपात बैठक, रूस-चीन सख्त
अमेरिकी कार्रवाई के बाद सोमवार, 5 जनवरी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस सैन्य हस्तक्षेप को “खतरनाक मिसाल” बताते हुए
कड़ी चिंता जताई है। रूस और चीन के समर्थन से कोलंबिया ने यह बैठक बुलाने की मांग की थी।
अमेरिका में जश्न, वेनेजुएला में अनिश्चितता
उधर, अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित डोराल शहर में रहने वाले वेनेजुएला के प्रवासियों ने मादुरो को
सत्ता से हटाए जाने का जश्न मनाया। लोगों ने रैलियां निकालीं, झंडे लहराए और राष्ट्रगान गाया।
वहीं, वेनेजुएला के भीतर हालात बेहद अनिश्चित बने हुए हैं और भविष्य को लेकर आशंकाएं गहराती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम न केवल वेनेजुएला बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका और वैश्विक शक्ति संतुलन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।F
















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