वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
अल्मोड़ा जिला के ताकुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम भैसोड़ी में दिनदहाड़े दो
गुलदारों के हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
ताजा घटना में घर के पास लकड़ी लेने गई एक महिला पर अचानक गुलदारों ने झपट्टा मार दिया।
गनीमत रही कि महिला ने साहस दिखाया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घर के पास हुआ हमला, ग्रामीणों की तत्परता से टली अनहोनी
भैसोड़ी निवासी प्रेमा पाण्डेय पत्नी मनीष पाण्डेय गांव निवासी अजय कुमार के साथ अपने घर के समीप लकड़ी लेने गई थीं।
इसी दौरान झाड़ियों में छिपे दो गुलदारों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
अप्रत्याशित हमले से महिला जमीन पर गिर पड़ी और गुलदारों से संघर्ष के दौरान घायल हो गई।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया,
जिसके बाद दोनों गुलदार जंगल की ओर भाग निकले।
हमले में महिला के शरीर पर गुलदार के नाखूनों के गहरे निशान पाए गए हैं।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल है।
स्कूल की नजदीकी ने बढ़ाई चिंता, बच्चों की सुरक्षा पर संकट
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदारों की आवाजाही लंबे समय से गांव के आसपास बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए।
गांव के समीप ही प्राथमिक विद्यालय स्थित है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
कई परिवारों ने एहतियातन बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
वन विभाग की प्रतिक्रिया, कार्रवाई का आश्वासन
सूचना मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया। प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि महिला के शरीर पर गुलदार के नाखूनों के निशान पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम को गांव के लिए रवाना कर दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, तत्काल समाधान की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ रोष फूट पड़ा है।
लोगों का कहना है कि जब तक किसी की जान नहीं जाती, तब तक विभाग केवल आश्वासन देता रहता है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और गुलदारों के स्थायी समाधान की मांग की है।

















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