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सरोकारों से साक्षात्कार

​पौड़ी प्रशासन की बड़ी कारवाही: श्रीनगर और कोटद्वार में 77 अवैध कब्जे हटाए

अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों को

अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में संबंधित विभागों

की संयुक्त टीमों ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए श्रीनगर और कोटद्वार क्षेत्र में कुल 77 अवैध अस्थायी कब्जों को ध्वस्त कर दिया।

​आधिकारिक सूचना के अनुसार, प्रशासन की यह कार्रवाई सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, यातायात व्यवस्था में सुधार

और जनहित को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है।

​श्रीनगर: बाजार से लेकर श्रीकोट तक हटाए गए 16 अतिक्रमण

​श्रीनगर क्षेत्र में नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा एक विशेष अभियान संचालित किया गया। इसके तहत
​प्रभावित क्षेत्र: श्रीनगर बाजार, नर्सरी रोड और श्रीकोट गंगानाली क्षेत्र।

​कार्रवाई: टीम ने सरकारी भूमि पर किए गए 16 अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया।

​स्वरूप: कार्रवाई के दौरान टिन शेड, झोपड़ियों और अन्य अस्थायी संरचनाओं को हटाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया गया।

​मौके पर उपस्थित अधिकारी: अभियान के दौरान तहसीलदार दीपक भंडारी, नगर आयुक्त गायत्री बिष्ट, कानूनगो कैलाश रावत, राजस्व उपनिरीक्षक जितेंद्र रावत, कर निरीक्षक सुशील कुरील और मुकेश जोशी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

​कोटद्वार: सिद्धबली मंदिर मार्ग पर 61 अवैध ढांचे ध्वस्त

​कोटद्वार में लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्व में चिन्हित किए गए अतिक्रमणों पर कार्रवाई की।
​प्रभावित क्षेत्र: सिद्धबली मंदिर मार्ग।

​कार्रवाई: सड़क किनारे बने 61 अस्थायी अतिक्रमणों और अवैध ढांचों को हटाया गया।

​उद्देश्य: प्रशासन के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मार्ग को सुगम एवं सुरक्षित बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिले और यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सके।

​अधिकारियों ने मौके पर चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
​”नियमित रूप से जारी रहेगा अभियान” -जिलाधिकारी

​जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा:

“सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अतिक्रमण के विरुद्ध यह कार्रवाई

केवल भूमि को मुक्त कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं, यातायात व्यवस्था तथा जनहित को सुरक्षित

रखने का भी प्रयास है।”

​जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और

अतिक्रमण की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में यह अभियान आगे भी जारी

रहेगा और अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

साथ ही प्रशासन द्वारा आमजन से भी सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की गई है।

https://regionalreporter.in/tmc-rebellion-19-mps-seek-separate-group-mamata-banerjee-crisis/
https://youtu.be/P4dYKabSTrA?si=idFh-QEwzwsQhBbj
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