कोर्ट ने कहा है कि अगर रिजर्व कैटेगरी का कोई उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के कटऑफ से ज्यादा अंक लाता है, तो उसे जनरल यानी अनरिजर्व्ड सीट पर नियुक्ति दी जाएगी।
यह फैसला जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने दिया।क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि यह कानून का तय सिद्धांत है।अगर SC, ST या OBC वर्ग का उम्मीदवार बिना किसी छूट के जनरल कटऑफ से ज्यादा अंक लाता है, तो उसे ओपन कैटेगरी की सीट पर योग्य माना जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में उस उम्मीदवार को रिजर्व कोटे में गिनना गलत होगा।हाईकोर्ट का फैसला रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के वर्ष 2020 के फैसले को रद्द कर दिया।हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को निर्देश दिया था कि वह मेरिट वाले रिजर्व कैंडिडेट को हटाकर एक जनरल कैंडिडेट को नियुक्त करे।
मेरिट सबसे ऊपर
सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को गलत ठहराया।कोर्ट ने कहा कि अनरिजर्व्ड कैटेगरी कोई “कोटा” नहीं है।यह पूरी तरह से मेरिट पर आधारित ओपन कैटेगरी है, जिसमें सभी उम्मीदवार बराबर होते हैं।
अगर कोई रिजर्व कैंडिडेट जनरल कैंडिडेट से बेहतर प्रदर्शन करता है, तो उसे जनरल सीट पर जगह मिलनी चाहिए।क्या है रोस्टर का उद्देश्य
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रोस्टर का इस्तेमाल सिर्फ यह तय करने के लिए होता है कि कितनी सीटें किस कैटेगरी के लिए होंगी।रोस्टर का इस्तेमाल चयन प्रक्रिया में मेरिट तय करने के लिए नहीं किया जाता।
किस मामले से जुड़ा है फैसला
यह मामला वर्ष 2013 में AAI द्वारा जूनियर असिस्टेंट (फायर सर्विस) के 245 पदों पर भर्ती से जुड़ा है।AAI ने मेरिट के आधार पर 122 अनरिजर्व्ड सीटें भरी थीं, जिनमें रिजर्व कैटेगरी के मेरिट वाले उम्मीदवार भी शामिल थे।



















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