भारतीय चुनाव आयोग (ECI) आगामी 24 फरवरी को राज्य चुनाव आयुक्तों का एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करेगा।
यह सम्मेलन राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में होगा, जिसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
1999 के बाद पहली बार हो रहा राष्ट्रीय सम्मेलन
चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य चुनाव आयुक्तों का यह सम्मेलन 25 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था।
सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे, जबकि चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।
कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ होगी भागीदारी
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य चुनाव आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे।
इसके अलावा, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) भी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।
चुनावी प्रक्रियाओं में तालमेल पर होगा फोकस
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग के केंद्रीय कार्यालय और राज्य चुनाव आयुक्तों के बीच चुनावी प्रक्रियाओं, कानूनों और लॉजिस्टिक्स को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
इसमें मतदाता पात्रता से जुड़े कानूनों, ईवीएम और हाल ही में लॉन्च किए गए ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
पंचायत और नगर निकाय चुनावों की भूमिका पर चर्चा
चुनाव आयोग राज्यों के साथ अपने अनुभव साझा करेगा, विशेष रूप से मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन से जुड़े विषयों पर।
राज्य चुनाव आयोग संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के तहत पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव कराने के लिए अधिकृत होते हैं।
IICDEM के अनुभवों का भी मिलेगा लाभ
गौरतलब है कि हाल ही में चुनाव आयोग ने लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IICDEM) का आयोजन किया था।
इस दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ चुनावी सुधारों, वैश्विक मानकों और नवाचारों पर गहन चर्चा हुई थी, जिसका अनुभव इस सम्मेलन में भी उपयोग में लाया जाएगा।


















Leave a Reply