मंधाना स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का आरोप है
कि घने कोहरे के कारण देर से पहुंचने पर उन्हें कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया और कुछ शिक्षकों ने लाठी व बेल्ट से उनकी पिटाई कर दी।
घटना महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज की बताई जा रही है। छात्रों के अनुसार सुबह कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी,
जिससे कई छात्र निर्धारित समय से कुछ मिनट देर से कॉलेज पहुंचे। आरोप है कि कॉलेज गेट बंद कर दिए गए और छात्रों से 300 रुपये का लेट चार्ज भी मांगा गया।
10 से अधिक छात्र घायल, अस्पताल में कराया गया इलाज
मारपीट की इस घटना में 10 से अधिक छात्र घायल हो गए, जिन्हें कॉलेज के अस्पताल में उपचार दिया गया। घटना की खबर फैलते ही कैंपस में तनाव का माहौल बन गया और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों का प्रदर्शन, कॉलेज गेट पर नारेबाजी
आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी की, रास्ता जाम किया और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख कॉलेज प्रशासन ने एहतियातन कक्षाएं स्थगित कर दीं।
पुलिस और PAC तैनात, मामला दर्ज
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी बल को कॉलेज परिसर में तैनात किया गया। एक प्रथम वर्ष के बीबीए छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने तीन शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दो असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित, जांच समिति गठित
कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर साइंस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र मौर्य और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अनिल कुमार पाठक को निलंबित कर दिया है।
साथ ही मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
पुलिस का बयान
डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि,
“प्रवेश समय को लेकर हुए विवाद में कुछ छात्रों को चोटें आई हैं। छात्रों और स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
छात्रों की मांग
छात्रों ने प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की है कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

















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