प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने यह कार्रवाई वीडियो फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की है।
एसएसपी देहरादून परमेंद्र डोबाल के अनुसार, 21 फरवरी को ननूरखेड़ा स्थित निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कार्यालय में विधायक उमेश शर्मा काउ सहित अन्य लोगों के साथ चल रही वार्ता के दौरान विवाद उत्पन्न हो गया।
इस दौरान कुछ व्यक्तियों ने अचानक उग्र होकर कार्यालय में कुर्सियां और अन्य सरकारी सामान फेंकना शुरू कर दिया, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आईं।
घटना के बाद निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा की तहरीर पर पुलिस ने लोक सेवक के कार्य में बाधा, बलवा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
जांच के उपरांत पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी ने बताया कि मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां की जाएंगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में कानून व्यवस्था भंग करने और कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















Leave a Reply