चारधाम यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन यमुनोत्री धाम में व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी बनी हुई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तीर्थपुरोहितों ने चिंता जताई है।
स्नान घाट और रास्ते अब भी क्षतिग्रस्त
धाम में सुरक्षित स्नान घाटों का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि कई घाट अभी भी खराब हालत में हैं।
यमुना नदी के किनारे आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्तों का अभाव बना हुआ है।
आपदा के बाद नहीं हो पाया पूर्ण पुनर्निर्माण
पिछले वर्ष आई आपदा में स्नान घाट, पुजारी निवास, रसोई, शौचालय और पुलों को भारी नुकसान हुआ था।
इसके बावजूद अब तक सभी आवश्यक निर्माण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं।
तीर्थपुरोहितों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
तीर्थपुरोहितों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द से जल्द घाटों के पुनर्निर्माण और सुरक्षित मार्ग तैयार करने की मांग की है।
उनका कहना है कि अधूरी व्यवस्थाएं यात्रियों के लिए खतरा बन सकती हैं।
वैकल्पिक मार्ग का काम भी प्रभावित
जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन बारिश और बर्फबारी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन ने दिया भरोसा
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे।
19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल से होगा।
इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
















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