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Uttarakhand Forest Fire 2026: वनाग्नि रोकने के लिए नई प्रोत्साहन योजना

आग बुझाने वालों को मिलेगा ₹1 लाख तक इनाम

वनाग्नि पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग की नई पहल, जन सहभागिता पर फोकस

Uttarakhand में वनाग्नि आज भी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

हालांकि राहत की बात यह है कि वर्ष 2026 में बीते वर्षों की तुलना में जंगलों में आग लगने की घटनाएं अपेाकृत कम दर्ज की गई हैं।

इसके बावजूद बढ़ते तापमान को देखते हुए आने वाले दिनों में वनाग्नि की आशंका बनी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा प्रदेश में तापमान बढ़ने की संभावना जताए जाने के बाद Uttarakhand Forest Department ने

जंगलों की आग पर नियंत्रण के लिए जन सहभागिता बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में वन विभाग नई प्रोत्साहन योजना लेकर आया है।

जंगलों की आग बुझाने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार

वन विभाग का मानना है कि जंगलों में आग लगने की स्थिति में स्थानीय लोग सबसे पहले फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में विभाग ने सरकारी कर्मचारियों और आम जनता दोनों को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है।

नई योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएंगे।

वनाग्नि सीजन समाप्त होने के बाद चयनित कर्मचारियों और आम नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।

हर जिले से चुने जाएंगे सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी और नागरिक

वन विभाग ने उन कर्मचारियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिन्होंने वनाग्नि सीजन के दौरान आग बुझाने में बेहतर कार्य किया।

प्रत्येक जिले से वन विभाग के तीन कर्मचारियों का चयन किया जाएगा।

इसके अलावा जंगलों की आग बुझाने में सहयोग करने वाले व्यक्तिगत और समूह स्तर के लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा।

हर जिले से तीन आम नागरिक या समूह चुने जाएंगे।

प्रथम पुरस्कार ₹1 लाख, दूसरे को ₹75 हजार

प्रस्तावित प्रोत्साहन योजना के अनुसार:

  • प्रथम स्थान पाने वाले को ₹1 लाख
  • द्वितीय स्थान पाने वाले को ₹75 हजार
  • तृतीय स्थान पाने वाले को ₹51 हजार

की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी।

यह पुरस्कार सरकारी कर्मचारियों और आम जनता दोनों श्रेणियों में दिए जाएंगे।

वन मंत्री सुबोध उनियाल का बयान

Subodh Uniyal ने कहा कि वनाग्नि रोकने में जनसहभागिता बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि हर जिले में तीन-तीन अवॉर्ड दिए जाएंगे और इसके जरिए लोगों को जंगल बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

वन विभाग का मानना है कि इस पहल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा

और स्थानीय लोग भी जंगलों की आग बुझाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे,

जिससे वनाग्नि की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकेगा।

https://regionalreporter.in/haridwar-manglaur-minor-girl-forced-marriage-pregnancy-case/
https://youtu.be/C0eGfOcIh_U?si=Ulqgd3EN7teEkVum
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