लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति ने विपक्ष की मांग को किया नामंजूर
ओम बिरला और सीपी राधाकृष्णन ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करने वाले विपक्षी सांसदों के महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 130 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत की गई थी मांग
विपक्ष द्वारा 12 मार्च 2026 को संसद के दोनों सदनों में लाए गए इस प्रस्ताव में भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324(5) सहित अन्य प्रावधानों का हवाला देते हुए सीईसी को हटाने की मांग की गई थी।
इसके साथ ही:
- आर्टिकल 124(4)
- जज (इन्क्वायरी) एक्ट 1968
जैसे कानूनी आधारों का भी उल्लेख किया गया था।
स्पीकर ने प्रस्ताव स्वीकार करने से किया इनकार
लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया।
बुलेटिन में कहा गया कि:
नोटिस और उससे जुड़े सभी तथ्यों का गहन मूल्यांकन करने के बाद, उपलब्ध शक्तियों के तहत इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाता है।
इसी तरह, राज्यसभा की ओर से भी बुलेटिन जारी कर प्रस्ताव खारिज होने की जानकारी दी गई।
विपक्ष का सरकार पर निशाना
इस फैसले के बाद जयराम रमेश ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि:
- विपक्ष की याचिका को खारिज करना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़ा करता है
- उन्होंने पूर्व राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विपक्ष की याचिका स्वीकार की गई थी
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने पिछले वर्ष जुलाई में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
https://regionalreporter.in/badrinath-highway-jam-srinagar-garhwal-custodial-death-protest/

















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