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नैनीताल में 6 महिलाओं की मौत के बाद पकड़ा गया वयस्क नर बाघ

DNA जांच से होगा आदमखोर होने का खुलासा

उत्तराखंड के नैनीताल वन प्रभाग से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है।

बीते पांच महीनों में वन्य जीवों के हमलों में 6 महिलाओं की मौत के बाद वन विभाग ने

ज्योली क्षेत्र से एक वयस्क नर बाघ को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया है।

इस बाघ को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।

हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यही बाघ आदमखोर है? इसकी पुष्टि अभी बाकी है।

वन विभाग के अनुसार, मृतकों के डीएनए सैंपल से मिलान के बाद ही

यह स्पष्ट हो पाएगा कि पकड़ा गया यही बाघ हमलों के पीछे था या नहीं।

हेमा देवी की मौत के बाद तेज हुआ ऑपरेशन

ज्योली क्षेत्र में हाल ही में 50 वर्षीय हेमा देवी की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग ने इलाके में सघन निगरानी शुरू कर दी थी।

पूरे क्षेत्र में 50 से ज्यादा ट्रैप कैमरे लगाए गए और घटनास्थल के पास मचान बनाकर टीम तैनात की गई।

मंगलवार रात करीब 7:30 बजे मचान के नीचे हलचल महसूस हुई। जैसे ही बाघ ने चारे के रूप में

बांधे गए कटरे पर हमला किया और उसे खाने लगा,

रात करीब 8 बजे पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती ने ट्रैंकुलाइज गन से सटीक निशाना साधा।

करीब आधे घंटे की तलाश के बाद बाघ पास ही बेहोशी की हालत में मिला।

रेस्क्यू ऑपरेशन बना बड़ी चुनौती

बाघ को पकड़ना जितना कठिन था, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उसे जंगल से सड़क तक लाना था।

घटनास्थल सड़क से लगभग 2 किलोमीटर दूर और खड़ी चढ़ाई पर स्थित था।

वन विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाघ को सड़क तक पहुंचाया।

इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया।

अब तक की स्थिति

  • डेढ़ महीने में 6 महिलाओं की मौत
  • 6 गुलदार और 2 बाघ पकड़े जा चुके
  • 50 से अधिक ट्रैप कैमरों से निगरानी
  • क्षेत्र में अब भी दहशत का माहौल

क्या अब सुरक्षित हैं ग्रामीण?

पहले भी कई गुलदार पकड़े जा चुके हैं, लेकिन हमलों की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकीं।

ऐसे में इस बाघ के पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीणों के मन में डर बना हुआ है।

लोगों का सवाल है कि क्या अब खतरा टल गया है, या जंगल में अभी भी कोई और आदमखोर जानवर छिपा हुआ है?

कौन हैं डॉ. हिमांशु पांगती?

नैनीताल जू के पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन में बेहद अनुभवी माने जाते हैं।

  • 25 बाघों का सफल रेस्क्यू
  • 46 गुलदारों को पकड़ा
  • 25 से अधिक आदमखोर जानवरों को काबू किया
  • भालू जैसे खतरनाक वन्यजीवों का भी रेस्क्यू कर चुके हैं

वन विभाग अब DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे यह तय होगा कि पकड़ा गया यही बाघ लगातार हो रहे जानलेवा हमलों के पीछे था या नहीं।

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