जनाक्रोश रैली में उमड़ा जनसैलाब, मेडिकल कॉलेज को मूल स्थान पर बनाने की उठी मांग
नई टिहरी। नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को लेकर जनाक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को
आयोजित जनाक्रोश रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेते हुए सरकार से मेडिकल कॉलेज को उसके मूल स्वीकृत स्थान पर
ही स्थापित करने की मांग की। रैली के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन
को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
‘मेडिकल कॉलेज टिहरी की जनता का अधिकार’
जनसभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार महिपाल नेगी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज टिहरी की जनता के वर्षों के संघर्ष
का परिणाम है। इसे किसी भी परिस्थिति में मूल स्थान से हटाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक भवन नहीं,
बल्कि पूरे टिहरी के भविष्य, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है।
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाए और पूर्व निर्धारित स्थान पर ही
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाए।
15 अगस्त तक दिया अल्टीमेटम
महिपाल नेगी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त तक मेडिकल कॉलेज के मुद्दे का समाधान नहीं
किया गया तो 20 हजार से अधिक लोगों के साथ विशाल जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे टिहरी जिले के अधिकार
और भविष्य की लड़ाई है।
एकजुट होने का आह्वान
उन्होंने लोगों से आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि सभी सामाजिक
संगठनों, युवाओं, महिलाओं और जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर आकर इस जनहित के मुद्दे पर आवाज बुलंद करनी होगी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को
चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी मिलेंगे।
जनभावनाओं की अनदेखी नहीं करने की मांग
रैली में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के स्थान परिवर्तन की किसी भी कोशिश को टिहरी की जनता स्वीकार
नहीं करेगी। उनका कहना था कि सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना
चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
आंदोलन होगा निर्णायक
जनसभा के अंत में आंदोलनकारियों ने दोहराया कि जब तक मेडिकल कॉलेज को उसके मूल स्वीकृत स्थान पर बनाए रखने
का स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद आंदोलन निर्णायक चरण
में प्रवेश करेगा और इसमें 20 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
















Leave a Reply