आर्थिक बोझ बढ़ा
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश की चाह रखने वाले छात्रों को इस बार बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिए अनिवार्य कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के तहत कई छात्रों को हल्द्वानी,
मुजफ्फरनगर और यहां तक कि पटियाला जैसे दूरस्थ स्थानों पर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने की मजबूरी
कई छात्रों को परीक्षा देने के लिए अपने घर से 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
इससे न केवल यात्रा की समस्या बढ़ी है, बल्कि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
हालांकि गढ़वाल क्षेत्र के पर्वतीय जिलों में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं,
लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों को बाहरी राज्यों में केंद्र दिए गए हैं।
गढ़वाल क्षेत्र में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पौड़ी जिले में दो परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं-
- जीबी पंत इंजीनियरिंग संस्थान, घुड़दौड़ी
- हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर
चौरास परिसर में एक बार में लगभग 100 अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता विकसित की गई है।
यहां कंप्यूटर साइंस विभाग में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की व्यवस्था की गई है।
फिर भी छात्रों को बाहर केंद्र क्यों?
इसके बावजूद कई छात्रों को हल्द्वानी, मुजफ्फरनगर और पटियाला जैसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
इससे पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को भौगोलिक और आर्थिक दोनों तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों और छात्रसंघ का विरोध
छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट और सचिव अनुरोध पुरोहित ने इस मुद्दे पर आंदोलन भी किया था।
वहीं छात्र नेता पंकज फर्वाण ने आरोप लगाया कि टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के छात्रों को दूरस्थ परीक्षा केंद्र दिए जा रहे हैं।
छात्रों ने मांग की है कि इन जिलों के सभी अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र गढ़वाल क्षेत्र के भीतर ही निर्धारित किए जाएं।
अतिरिक्त केंद्रों की मांग
छात्र नेताओं ने सरकार से मांग की है कि-
- टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को भी परीक्षा केंद्र बनाया जाए
- गढ़वाल क्षेत्र में और परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएं
- सभी छात्रों को नजदीकी केंद्रों पर परीक्षा देने की सुविधा मिले
CUET अनिवार्यता से बढ़ा दबाव
केंद्रीय विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए स्नातक स्तर पर CUET परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है।
इस कारण छात्रों के लिए यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
एनटीए से पत्राचार जारी
गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर एनटीए से पत्राचार किया है।
समर्थ कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रीतम नेगी ने बताया कि जिन छात्रों को दूरस्थ केंद्र मिले हैं, उनके लिए नजदीकी केंद्र आवंटन पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि परीक्षा केंद्र का अंतिम निर्धारण एनटीए स्तर पर ही किया जाता है।

















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