अल्मोड़ा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी सोमवार को सड़कों पर उतरे।
आक्रोश रैली निकालने के बाद प्रदेश महासचिव राजपाल पवार आमरण अनशन पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
18 जून से जारी है धरना
सफाई कर्मचारी 18 जून से नगर निगम परिसर में धरने पर बैठे हैं।
कई दौर की वार्ता और ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर सोमवार से आंदोलन को तेज कर दिया गया।
कर्मचारियों ने शहर में आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
संघ के प्रदेश महासचिव राजपाल पवार ने कहा कि संगठन कई बार मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुका है।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
इसी कारण कर्मचारियों को भूख हड़ताल और आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें?
संगठन ने ठेका प्रथा समाप्त करने, वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को संविदा में समायोजित करने, मृतक आश्रित नियमावली में शिथिलता देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने तथा कर्मचारी हितों से जुड़ी सात सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सफाई कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संगठन का कहना है कि जब तक सभी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।















Leave a Reply