बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सिवान में प्रदर्शन के
दौरान AK-47 राइफल से फायरिंग करने के आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। वहीं, नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के
बाद करीब 200 छात्र अब भी पुलिस हिरासत में होने का दावा किया गया है, जिस पर कानूनी सवाल भी उठ रहे हैं।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ,
जिसमें एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल से फायरिंग करता दिखाई दिया।
वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से
निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
कई जिलों में भड़की हिंसा
नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान पटना, सिवान, सारण, औरंगाबाद तथा भागलपुर समेत कई जिलों
में प्रदर्शन हिंसक हो गए। कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले
छोड़ने की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
200 के करीब छात्र हिरासत में
रिपोर्टों के अनुसार, 22 और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शनों के बाद लगभग 200 छात्रों को हिरासत में लिया गया,
जिनमें से कई के 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस थानों में रहने का दावा किया गया है।
इस पर अधिवक्ताओं और छात्र संगठनों ने कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
बिहार पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि किसी पुलिसकर्मी ने
निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच में यह भी देखा जाएगा कि
हथियार का इस्तेमाल पुलिस प्रोटोकॉल के अनुरूप था या नहीं।















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