CJP ने सरकार पर वादा पूरा न करने का लगाया आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पार्टी का कहना है कि 25 जुलाई को विरोध प्रदर्शन समाप्त करने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों पर
दर्ज मामलों को वापस लेने और नए मामले दर्ज न करने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है।
28 जुलाई तक लिखित समझौते की थी उम्मीद
सोमवार, 27 जुलाई को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के साथ मीडिया को संबोधित किया।
आशुतोष रांका ने कहा कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों पर
दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने कहा कि 28 जुलाई तक लिखित समझौता मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
दोबारा आंदोलन की चेतावनी
CJP नेताओं ने कहा कि यदि सरकार अपने वादे के अनुरूप लिखित आश्वासन जारी नहीं करती है, तो संगठन एक बार फिर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
छात्रों को निशाना बनाने का आरोप
प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद सरकार निजी तौर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि CJP ऐसे सभी छात्रों की कानूनी सहायता कर रही है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कई राज्यों में कार्रवाई का दावा
CJP से जुड़ी रत्ना सिंह ने दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों से प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर और गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत
सौरव दास ने बताया कि CJP ने ‘साक्षी’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है।
इस प्लेटफॉर्म पर लोग पुलिस कार्रवाई या कथित अत्याचार से जुड़े वीडियो और फोटो अपलोड कर सकेंगे।
साथ ही, संगठन हर जिले में वकीलों का पैनल तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है ताकि जरूरतमंद छात्रों को कानूनी सहायता मिल सके।
कपिल सिब्बल ने किया बड़ा ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक वेबसाइट शुरू करने की घोषणा की।
उन्होंने इस पहल के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान देने का ऐलान किया और देशभर के वकीलों से भी आगे आकर प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता करने की अपील की।
क्या है पूरा मामला
CJP का कहना है कि आंदोलन समाप्त करने का फैसला सरकार से मिले आश्वासन के आधार पर लिया गया था।
अब संगठन का आरोप है कि लिखित आदेश जारी करने में देरी हो रही है।
यदि जल्द कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं होता, तो संगठन ने दोबारा आंदोलन शुरू करने के संकेत दिए हैं।
















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