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जंतर-मंतर के पास मिले पत्थरों से भरे ट्रक पर दिल्ली पुलिस का बड़ा बयान

वायरल दावे फर्जी

दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान सुर्खियों में आए पत्थरों से भरे ट्रक को लेकर सोशल मीडिया पर

वायरल हो रहे दावों पर दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है।

पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ट्रक को लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह झूठे, भ्रामक और बेबुनियाद हैं।

सोशल मीडिया पर फैली थी साजिश की चर्चा

यह मामला तब चर्चा में आया जब एक ट्रक को लेकर विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जाने लगीं।

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि वाहन को कथित तौर पर

प्रदर्शनकारियों के पास किसी साजिश के तहत खड़ा किया गया था।

हालांकि, पुलिस की जांच में ऐसे सभी दावों का कोई आधार नहीं मिला।

सड़क दुर्घटना के बाद जब्त किया गया था ट्रक

दिल्ली पुलिस के अनुसार संबंधित ट्रक को एक सड़क दुर्घटना के मामले में जब्त किया गया था।

संसद मार्ग थाने में FIR संख्या 65/2026 दर्ज है।

पुलिस ने बताया कि 16 जुलाई 2026 को इस ट्रक और एक ईको (EECO) वैन के बीच गंभीर सड़क हादसा हुआ था, जिसमें छह लोग घायल हुए थे।

दुर्घटना के बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के पास खड़ा किया था।

थाने के भीतर पर्याप्त जगह न होने के कारण यह व्यवस्था की गई थी।

“चलो संसद” आंदोलन के दौरान हटाया गया वाहन

पुलिस ने बताया कि राजधानी में “चलो संसद” आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे।

इसी दौरान 20 जुलाई 2026 की शुरुआती घंटों में ट्रक को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया।

पुलिस के मुताबिक वाहन को पहले खाली कराया गया और उसके बाद मालिक को आवश्यक निर्देश देकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया।

प्रशासन का कहना है कि यह सामान्य कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया थी, जिसका किसी राजनीतिक गतिविधि या साजिश से कोई संबंध नहीं है।

दिल्ली पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।

पुलिस ने कहा कि संवेदनशील मामलों में केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए।

पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि भ्रामक खबरें फैलाने और अनावश्यक सनसनी पैदा करने वालों पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

https://regionalreporter.in/dehradun-premnagar-nanda-ki-chowki-bridge-approach-road-collapse-investigation/
https://youtu.be/UT6fvGg6OrQ?si=WqTdu95ttcOHQFkJ
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