बारिश के बीच सड़कों से लेकर हेली सेवा तक फोकस
उत्तराखंड में मानसून की विदाई अभी पूरी तरह नहीं हुई है। इसी बीच 15 सितंबर से चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है।
दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
सड़क, स्वास्थ्य, परिवहन और हेली सेवा से जुड़े विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। यात्रा मार्गों पर गड्ढे और भूस्खलन की चुनौती भी बनी हुई है।
ऐसे में सरकार का जोर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने पर है।
47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके
इस साल 12 सितंबर तक चारधाम में 47 लाख 9 हजार 362 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
इनमें बदरीनाथ धाम में 17 लाख 28 हजार 578, केदारनाथ में 14 लाख 93 हजार 161, गंगोत्री में 7 लाख 84 हजार 321 और यमुनोत्री में 7 लाख 3 हजार 302 श्रद्धालु शामिल हैं।
मानसून के दौरान यात्रा की रफ्तार जरूर कम हुई, लेकिन अब मौसम में सुधार के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार को यह भी उम्मीद है कि इस बार पिछले साल का यात्रा आंकड़ा पार हो सकता है।
केदारनाथ के लिए फिर शुरू होगी हेली सेवा
दूसरे चरण के साथ केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा भी फिर शुरू होगी।
15 सितंबर से गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलीपैड से सेवाएं संचालित करने की तैयारी है।
15 से 30 सितंबर तक की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।
नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार 16 दिनों के लिए 2,926 टिकटों के जरिए 8,896 यात्रियों ने बुकिंग कराई है।
खास बात यह है कि सात सितंबर को बुकिंग खुलने के करीब एक घंटे में ही सभी टिकट बुक हो गए।
हेली सेवाओं की निगरानी के लिए हेलीकॉप्टरों में सैटेलाइट आधारित डिवाइस लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
सड़कों की स्थिति पर सरकार का फोकस
चारधाम यात्रा मार्गों पर बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सड़क सुधार का काम तेज करने की तैयारी की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अन्य प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
छोटे नुकसान और मरम्मत के काम फिलहाल भी किए जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे के मुताबिक, मानसून की विदाई तक मशीनें और टीमें तैनात रहेंगी।
यात्रा मार्गों को बेहतर बनाए रखने का काम लगातार जारी रहेगा।
15 अक्टूबर तक सड़क सुधार का लक्ष्य
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप के अनुसार विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई है।
स्वास्थ्य, परिवहन, लोक निर्माण और पशुपालन विभाग को समय पर व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा मार्गों की मरम्मत के लिए 15 अक्टूबर तक की समयसीमा रखी गई है।
वहीं, चारधाम के कपाट नवंबर में बंद होने के बाद अगले साल की यात्रा की तैयारियां शुरू होंगी।
रोड सेफ्टी और परिवहन पर भी नजर
बारिश से खराब हुई सड़कों और नए ब्लैक स्पॉट को भी चिन्हित कर सुधारने की कवायद चल रही है। संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने का काम भी किया जा रहा है।
ऋषिकेश स्थित चारधाम ट्रांजिट कैंप से यात्रियों के लिए बसों की शटल सेवा भी जारी रहेगी।
सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन व्यवस्था को जरूरत के अनुसार बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विभागों को 15 सितंबर तक जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उनका कहना है कि मानसून के बाद सड़क मरम्मत में तेजी लानी होगी, क्योंकि चारधाम यात्रा के साथ त्योहारों के दौरान भी आवाजाही बढ़ेगी।
ऐसे में दूसरे चरण की यात्रा सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। एक तरफ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या है,
तो दूसरी तरफ मानसून से प्रभावित सड़कें और पहाड़ी मौसम की चुनौती बनी हुई है।















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