चारधाम यात्रा दो दिन स्थगित, कई मार्ग बाधित
रुद्रप्रयाग में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई मार्ग बाधित, प्रशासन अलर्ट पर
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण जलभराव, भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को मंगलवार और बुधवार के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
मौसम सामान्य होने पर 30 जुलाई से यात्रा दोबारा शुरू करने की तैयारी की जाएगी।
अगस्त्यमुनि में घरों और सड़कों पर भरा पानी
नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के बसंत विहार, एसबीआई कॉलोनी और खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया।
कई घरों और आंगनों में पानी घुस गया, जबकि खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित कई मकानों तक जाने वाले रास्ते पूरी तरह पानी में डूब गए।
कुछ घरों के अंदर भी पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिल्ली के पास मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित
लगातार बारिश के चलते सिल्ली के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए बाधित हो गया।
सूचना मिलने पर संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। इसके बाद यातायात को सामान्य करने के प्रयास किए गए।
पेट्रोल पंप के पास गिरा विशाल बोल्डर, कार दब गई
अगस्त्यमुनि पेट्रोल पंप के पास पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर गिरने से वहां खड़ी एक कार उसकी चपेट में आ गई और दब गई।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार में कोई सवार मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
जलभराव के कारण स्कूल में घोषित किया गया अवकाश
लगातार बारिश और जलभराव के कारण चिल्ड्रन एकेडमी इंटरमीडिएट कॉलेज जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया।
छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रशासन ने एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा दो दिन के लिए स्थगित
प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट और यात्रा मार्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशों के बाद यात्रा रोक दी गई।
हालांकि मंगलवार सुबह सोनप्रयाग से करीब 1600 श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से यात्रा पर रोक लगा दी गई।
यमुनोत्री पैदल मार्ग का हिस्सा धंसा
जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के समीप नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 से 30 मीटर मार्ग 2 से 2.5 मीटर तक धंस गया।
सुरक्षा की दृष्टि से इस हिस्से से यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
इसके अलावा पालीगाड़, सिलाई बैण्ड, झझर गाड़, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया क्षेत्रों में मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा।
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तीन अगस्त तक बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, चंपावत
और टिहरी जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
राज्य के अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 3 अगस्त तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।
लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने सभी से मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा है।

मालदेवता में सबसे अधिक 233 मिमी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई।
सबसे अधिक 233.0 मिमी बारिश देहरादून के मालदेवता में रिकॉर्ड की गई।
अन्य प्रमुख वर्षा आंकड़े इस प्रकार हैं:
- हाथीबड़कला: 194.5 मिमी
- जौलीग्रांट: 172.2 मिमी
- मसूरी: 163.0 मिमी
- ऊखीमठ: 120.0 मिमी
- डीडीहाट: 102.0 मिमी
- धनोल्टी: 88.0 मिमी
- हल्द्वानी: 83.0 मिमी
- थल: 83.0 मिमी
- चमोली: 80.60 मिमी
- तेजम: 73.0 मिमी
- बेरिनाग: 72.0 मिमी
- कीर्तिनगर: 70.0 मिमी
- नरेंद्रनगर: 63.0 मिमी
- उत्तरकाशी मुख्यालय: 61.0 मिमी
- ऋषिकेश: 61.4 मिमी
- जखोली: 58.0 मिमी
- सितारगंज: 57.0 मिमी
- भटवाड़ी: 55.0 मिमी
- कनालीछीना: 53.3 मिमी
- कपकोट: 53.0 मिमी
- जोशीमठ: 51.0 मिमी
- देवलथल: 50.0 मिमी
- बागेश्वर: 50.0 मिमी
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार हो रही बारिश, बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।















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